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Sawalkote Project: चिनाब के पानी को लेकर तरस रहा पाकिस्तान! भारत की इस परियोजना को लेकर लिखा पत्र; जानिए सबकुछ

Thu, 12 Feb 2026 10:48 PM IST
शिवम गर्ग वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पाकिस्तान ने चिनाब नदी पर सावलकोट जलविद्युत परियोजना को लेकर भारत को पत्र लिखकर जानकारी और परामर्श की मांग की है। मामला सिंधु जल संधि 1960 से जुड़ा है।
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चिनाब नदी। - फोटो : PTI
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विस्तार
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पाकिस्तान ने चिनाब नदी पर प्रस्तावित सावलकोट जलविद्युत परियोजना के संबंध में भारत को एक और पत्र भेजकर विस्तृत जानकारी और परामर्श की मांग की है। यह कदम सिंधु जल संधि 1960 के प्रावधानों के तहत उठाया गया है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि यह मुद्दा पहले भी दोनों देशों के सिंधु जल आयुक्तों के स्तर पर उठाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के सिंधु जल आयुक्त ने पिछले वर्ष जुलाई में भी भारत को पत्र लिखा था।

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प्रवक्ता ने पुष्टि की कि 11 फरवरी को भारतीय सिंधु जल आयुक्त को एक और पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि यह पत्र सावलकोट परियोजना से संबंधित तकनीकी जानकारी और परामर्श के लिए भेजा गया है, जैसा कि सिंधु जल संधि में निर्धारित है। पाकिस्तान ने भारत से संधि के पूर्ण अनुपालन और अपने दायित्वों का पालन करने की अपील की है। अंद्राबी ने यह भी कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए संवाद और अंतरराष्ट्रीय कानूनी तंत्र के प्रति प्रतिबद्ध है। 

प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने क्रिकेट के राजनीतिकरण को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। वहीं, अमेरिका के एक नक्शे में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को भारत का हिस्सा दिखाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अमेरिकी अधिकारियों से संपर्क किया था, जिसके बाद उस नक्शे को तुरंत हटा लिया गया।

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1,856 मेगावाट की सावलकोट जलविद्युत परियोजना
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर 1,856 मेगावाट की सावलकोट जलविद्युत परियोजना के लिए पर्यावरणीय मंजूरी की सिफारिश की थी। यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण परियोजना पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) के निलंबन के बाद फिर से जीवित की जा रही है। लगभग चार दशकों से रुकी हुई, सावलकोट परियोजना चिनाब बेसिन में भारत की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं में से एक है और 1960 की संधि के तहत पश्चिमी नदी जल के अपने हिस्से का पूर्ण उपयोग करने के सरकार के प्रयासों का एक अहम हिस्सा है।

सिंधु जल संधि पर विवाद
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पिछले वर्ष 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए थे, जिनमें 1960 की सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का निर्णय भी शामिल था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान ने कहा कि किसी भी एकतरफा कार्रवाई से कानूनी स्थिति नहीं बदलेगी।

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