पाकिस्तान की संसद में इमरान सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर तीन अप्रैल को वोटिंग होगी। इसकी जानकारी पीटीआई सरकार में मंत्री शेख रशीद ने मंगसवार को दी। गौरतलब है कि विपक्ष ने सोमवार को ही पीएम इमरान के अल्पमत में होने का दावा करते हुए अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। इसके बाद संसद को 30 मार्च तक स्थगित कर दिया गया। बताया गया है कि प्रस्ताव पर 31 मार्च से बहस शुरू होगी।
रशीद ने दावा किया कि पीटीआई से अलग हुई सभी पार्टियां वोटिंग के दिन एक साथ आ जाएंगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-कायद (पीएमएल-क्यू) पहले ही यह कर चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि वोटिंग के दिन विपक्षी दलों को कोई समस्या नहीं आएगी।
69 वर्षीय खान गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं और अगर कुछ सहयोगी दल गठबंधन से हटने का फैसला करते हैं तो उनकी सरकार गिर सकती है। पाकिस्तान की 342 सदस्यीय नेशनल असेंबली में पीटीआई के 155 सदस्य हैं और उसे सत्ता में बने रहने के लिए कम से कम 172 सांसदों के समर्थन की जरूरत है।
विपक्ष को विश्वास- गिर जाएगी इमरान सरकार
विपक्ष ने आठ मार्च को नेशनल असेंबली को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा था। इस प्रस्ताव के मद्देनजर रैली का आयोजन किया गया था। प्रस्ताव पर मतदान 31 मार्च से तीन अप्रैल के बीच होगा। विपक्ष का आरोप है कि खान 2018 में ‘नया पाकिस्तान’ बनाने के वादे के साथ सत्ता में आए, लेकिन वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रण में रखने की बुनियादी समस्या को दूर करने में बुरी तरह विफल रहे, जिससे विपक्ष को उनकी सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया।