रिपोर्ट में पाकिस्तान के शिकार नाइजीरिया का उदाहरण दिया गया। यहां 50 से 100 एमजी डोज वाली ट्रामाडोल ही बेचने की अनुमति है, लेकिन पाकिस्तान से यह 200 और 225 एमजी जितनी ऊंची डोज में तस्करी कर लाई जा रही है।
भारत सहित कई देशों में आतंकी भेजता रहा पाकिस्तान अब मादक पदार्थों की तस्करी के लिए भी विश्व में कुख्यात हो गया है। कई अफ्रीकी और अरब देश उसके शिकार बन रहे हैं। नाइजीरिया से खाड़ी देशों और अफगानिस्तान तक फैला अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी का नेटवर्क पाकिस्तान से चल रहा है। जिओ-पोलिटिक ने अपनी नई रिपोर्ट में यह दावे किए हैं।
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रिपोर्ट में पाकिस्तान के शिकार नाइजीरिया का उदाहरण दिया गया। यहां 50 से 100 एमजी डोज वाली ट्रामाडोल ही बेचने की अनुमति है, लेकिन पाकिस्तान से यह 200 और 225 एमजी जितनी ऊंची डोज में तस्करी कर लाई जा रही है। इसे लेने वालों के कोमा में जाने या मरने की आशंका रहती है। इसी तरह कोडीन की भी तस्करी हो रही है, जिससे लिवर डैमेज, अल्सर, श्वास रोग, कोमा व मौत हो सकती है। जिओ-पोलिटिक के अनुसार नाइजीरिया में 2012 से यह ओपिऑइड्स (अफीम से बने दर्द निवारक) केवल डॉक्टर की सलाह पर ही लिए जा सकते हैं। इनका स्थानीय उत्पादन भी होता है, लेकिन कराची से गैर-पंजीकृत उत्पादों के रूप में इनकी हाई डोज की तस्करी भी जारी है।
ऐसे खुली पोल
18 दिसंबर 2022 को नाइजीरिया की नेशनल ड्रग लॉ एनफोर्समेंट एजेंसी ने पाकिस्तान व दक्षिण अफ्रीका से तस्करी कर लाई 17 लाख ओपिऑइड गोलियां जब्त की। इसी
साल 16 फरवरी को अधिकारियों ने ट्रामाडोल के 225 एमजी के 6.50 लाख कैप्सूल जप्त किए। इनका वजन 461 किलो था। इन्हें पाकिस्तान से इथियोपिया की एयरलाइंस से नाइजीरिया लाया गया।