पीटीआई समर्थको ने देशभर में किए प्रदर्शन
देश में आठ फरवरी को नेशनल असेंबली के चुनाव हुए थे। जिसके बाद त्रिशंकु नतीजे सामने आए थे। जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेता चुनाव में हेराफेरी का आरोप लगाते रहे हैं। इमरान खान के आह्वान पर पीटीआई समर्थकों ने शनिवार को बड़े पैमाने पर देशभर में प्रदर्शन किया।
मरियम नवाज ने दिया कार्रवाई का निर्देश
ज्यादातर गिरफ्तारियां लाहौर में हुईं, जहां पंजाब की नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने प्रदर्शन कर रहे पीटीआई समर्थकों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया। पीटीआई के प्रवक्ता के मुताबिक, "पुलिस ने लाहौर में अस्सी कार्यकर्ताओं और नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। गुजरात शहर में बीस से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पंजाब और इस्लामाबाद के 38 शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए। लाहौर में पुलिस ने जीपीओ चौक और लिबर्टी चौक पर प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया।"
शहजाद फारूक और अफजाल अजीम भी गिरफ्तार
प्रवक्ता ने कहा, "पीटीआई नेता मियां शहजाद फारूक और अफजाल अजीम पहत को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने मरियम नवाज और उनके चाचा शहबाज शरीफ के खिलाफ चुनाव लड़ा था। फारूक ने मरियम को हराया था। लेकिन पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) ने नतीजे बदल दिए। शीर्ष अदालत के पूर्व बार सचिव आफताब बाजवा को भी गिरफ्तार किया गया।"
बंद रहा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं। जिनमें इमरान खान के समर्थकों को कारों से बाहर निकालते हुए देखा जा सकता है। इसके अलावा पीटीआई के झंडे दिखाने वालों को पीटा जा रहा है। पंजाब पुलिस ने कहा कि उन्होंने सड़क को बाधित करने वाले प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स शनिवार और रविवार को भी देश में बंद रहा।
पीटीआई ने लगाया जनादेश की चोरी का आरोप
पीटीआई ने चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस की कार्रवाई की निंदा की। पार्टी ने कहा कि जनादेश की चोरी की गई है। पीटीआई के मध्य पंजाब के महासचिव हम्माद अजहर ने कहा, "विवादास्पद और फर्ज मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ राज्य की मशीनरी का इस्तेमाल किया है।"
शहबाज ने गलती से खुद को बता दिया 'विपक्ष का नेता'
पाकिस्तान के नवनिर्वाचिक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने नेशनल असेंबली में विजयी भाषण में गलती से खुद को 'विपक्ष का नेता' बता दिया। प्रधानमंत्री पद के लिए पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की ओर से शहबाज शरीफ उम्मीदवार थे। उन्हें 336 सदस्यीय सदन में 201 वोट मिले। जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के उमर अयूब खान को केवल 92 वोट मिले।
पीएमएल-एन अध्यक्ष ने विजयी भाषण में अपने बड़े भाई नवाज शरीफ और सभी सहयोगियों को उन पर भरोसा जताने के लिए धन्यवाद दिया। हालांकि, उन्होंने अपने चुनाव के लिए अपनी पार्टी के सदस्यों का आभार जताते हुए भाषण मं गलती से खुद को 'विपक्ष का नेता' कह दिया। उन्होंने कहा, मैं अपनी पार्टी के उन सदस्यों का आभार जताना चाहता हूं जिन्होंने मुझे वोट दिया और मुझे इस सदन में विपक्ष का नेता चुना। शहबाज को सोमवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी।
राष्ट्रपति के चुनाव के लिए बुलाया गया संसद का संयुक्त सत्र
नेशनल असेंबली के नवनिर्वाचित स्पीकर अयाज सादिक ने पाकिस्तान के अगले राष्ट्रपति चुनाव के लिए नौ मार्च को संसद का संयुक्त सत्र बुलाया है। राष्ट्रपति चुनाव में पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का जीतना लगभग तय माना जा रहा है। करीब 11 साल पहले भी वह इस पद पर रहे हैं।
स्पीकर ने रविवार को जारी अधिसूचना में सुबह दस बजे संयुक्त सत्र बुलाया है। जरदारी का मुकाबला उनके प्रतिद्वंद्वी पश्तून नेता महमूद खान अचकजई से होगा। पीपीपी और और पीएमएल-एन के संयुक्त उम्मीदवार जरदारी का दूसरी बार राष्ट्रपति बनना तया है, क्योंकि निर्वाचक मंडल में बहुमत रखने वाली पार्टियों का उन्हें समर्थन मिल रहा है। जरदारी 2008 से 2013 तक राष्ट्रपति रहे हैं।
पीटीआई के आंतरिक चुनाव फिर अध्यक्ष बने गौहर खान
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के आंतरिक चुनाव में गौहर खान को फिर पार्टी का अध्यक्ष घोषित किया गया है। पार्टी प्रवक्ता और मुख्य चुनाव आयुक्त रऊफ हसन ने रविवार को नतीजे साझा किया।
हसन ने इस्लामाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खुलासा किया कि गौहर अध्यक्ष का चुनाव निर्विरोध जीत गए हैं। चुनाव आयोग (ईसीपी) और पेशावर उच्च न्यायालय (पीएचसी) के आगे-पीछे के फैसलों के बाद पिछले दो वर्षों में पीटीआई ने तीन बार पार्टी के भीतर चुनाव कराए, जिसके परिणामस्वरूप उसके क्रिकेट बैट के प्रतीक को सर्वोच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया था।