इन महिलाओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया जेल
न्यायाधीश अबेर गुल खान ने कहा कि जांच अधिकारी ने संदिग्धों की रिमांड के लिए पिछले आवेदन में पेट्रोल बमों की बरामदगी का जिक्र नहीं किया था और आगे की शारीरिक हिरासत के पुलिस के अनुरोध को खारिज कर दिया। इसके बाद खदीजा शाह, सनम जावेद और तैय्यबा राजा के अलावा संसद की पूर्व सदस्य आलिया हमजा, मरियम मजारी, साबुही इनाम, हुमा सईद, आयशा मसूद, महा मसूद और खदीजा नदीम सहित महिलाओं को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
अल-कादिर ट्रस्ट मामले में इमरान की गिरफ्तारी के बाद भड़की हिंसा
अल-कादिर ट्रस्ट मामले में राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के परिसर से पूर्व प्रधानमंत्री खान को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें कम से कम दस लोग मारे गए थे और एक हजार से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।
20 से ज्यादा सैन्य प्रतिष्ठानों पर हुआ था हमला
प्रदर्शनकारियों ने 9 मई को लाहौर कोर कमांडर हाउस, मियांवाली एयरबेस और आईएसआई की इमारत समेत 20 से ज्यादा सैन्य प्रतिष्ठानों और सरकारी इमारतों पर हमला किया था। रावलपिंडी में सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) पर भी पहली बार भीड़ ने हमला किया। खान को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया था। कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने पूरे पाकिस्तान से खान की पार्टी के 10,000 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 4,000 पंजाब प्रांत से हैं।
मेरे कोर्ट मार्शल के लिए स्टेज तैयार हो गया: इमरान खान
उधर, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि उनके कोर्ट मार्शल के लिए स्टेज तैयार हो गया है। खान की यह टिप्पणी तब आई है जब एक दिन पहले गृहमंत्री राणा सनाउल्लाह ने उन पर नौ मई को हुई हिंसा का मास्टरमाइंड और साजिशकर्ता होने का आरोप लगाया है।
दस मामलों में उच्च न्यायालय में पेश हुए पीटीआई प्रमुख
खान, गुरुवार को दो मौजूदा याचिकाओं और आठ नई जमानत याचिकाओं सहित 10 अलग-अलग मामलों के सिलसिले में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) के समक्ष पेश हुए। इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह जानते हैं कि उनके खिलाफ सैन्य अदालत में मुकदमा चलाया जाएगा।
फर्जी मामलों में मेरी दोषसिद्धि की कोई संभावना नहीं...
उन्होंने सैन्य अदालत में एक नागरिक के मुकदमे को लोकतंत्र का अंत और पाकिस्तान में न्याय का अंत करार दिया। 'डॉन' अखबार ने उनके हवाले से कहा कि सैन्य अदालत में मुकदमा गैरकानूनी होगा। खान ने कहा, वे जानते थे कि मेरे खिलाफ दर्ज 150 से अधिक मामले निराधार हैं और इन फर्जी मामलों में मेरी दोषसिद्धि की कोई संभावना नहीं है, इसलिए उन्होंने सैन्य अदालत में मेरा मुकदमा चलाने का फैसला किया है।