पाकिस्तान में लगातार बढ़ रहीं आतंकी घटनाओं से वहां के लोगों में सरकार के खिलाफ भारी गुस्सा और नाराजगी पनप रही है। इसी के चलते उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान में हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और विरोध प्रर्दशन किया। अफगानिस्तान की सीमा से लगे उत्तर पश्चिमी इलाके में हाल के दिनों में आतंकी और अपहरण की घटनाएं बढ़ी हैं। ऐसे में जनजातीय बहुल इस इलाके में शुक्रवार को स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से इलाके में शांति बहाल कराने की मांग की।
शुक्रवार को करीब 5 हजार जनजातीय लोगों ने दक्षिणी वजीरिस्तान के वाना शहर में सड़कों पर उतरकर नारेबाजी की। इलाके में फैल रही अशांति, आतंकवाद और अपहरण की घटनाओं के खिलाफ लोगों ने यह विरोध प्रर्दशन किया। बता दें कि हाल के दिनों में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांत में आतंकी घटनाएं बढ़ी हैं और माना जा रहा है कि इन आतंकी घटनाओं के पीछे प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान का हाथ है। तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान यानि कि टीटीपी अफगानिस्तान बेस्ड आतंकी संगठन है, जो पाकिस्तान में कई आतंकी घटनाओं को अंजाम दे चुका है।
पश्तून राष्ट्रवादी और पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट के नेता मंजूर पश्तीन ने इन विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व किया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि इलाके में शांति कायम होनी चाहिए। विरोध प्रदर्शन के चलते वाना शहर में सभी दुकानें और बाजार बंद रहे। विरोध प्रदर्शन के दौरान मंजूर पश्तीन ने कहा कि आतंकी घटनाओं और कानून व्यवस्था की बिगड़ी स्थिति के चलते व्यापारियों में डर का माहौल है और निवेशक भी यहां आने के लिए तैयार नहीं हैं। मंजूर पश्तीन ने चेताते हुए कहा कि अगर कानून व्यवस्था की स्थिति नहीं बदली तो जनजातीय युवा, आतंकियों के खिलाफ अपने हाथों में हथियार भी उठा सकते हैं।
तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान पर आरोप है कि इस संगठन से जुड़े आतंकियों ने पाकिस्तान में कई बड़े हमलों को अंजाम दिया है। इनमें साल 2009 में आर्मी हेडक्वार्टर पर हमला, मिलिट्री बेस पर हमला और साल 2008 में इस्लामाबाद के मेरियट होटल पर आतंकी हमला शामिल है। साल 2014 में पेशावर में आर्मी पब्लिक स्कूल पर हमला हुआ था। इस हमले में 150 लोगों की जान गई थी और इनमें से 131 छात्र थे. इस आतंकी घटना ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था। आरोप है कि आर्मी पब्लिक स्कूल के हमले को भी टीटीपी के आतंकियों ने ही अंजाम दिया था।