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Pakistan: पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों ने आतंकवादी संगठन टीटीपी के साथ की शांति वार्ता, जानें पूरा मामला

Sat, 23 Jul 2022 03:59 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

इस तरह की बैठक में पहली बार सभी सशस्त्र बलों के अधिकारी शामिल थे।संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (जेसीएससी) के अध्यक्ष जनरल नदीम रजा की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई राष्ट्रीय सुरक्षा बैठक में सुरक्षा मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा हुई। बैठक के बारे में सेना के मीडिया विंग ने जानकारी साझा की।
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तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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पाकिस्तान के शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के साथ चल रही शांति वार्ता को लेकर चर्चा की। शनिवार को आई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,  इसमें दोनों पक्षों ने व्यापक सुरक्षा रणनीति के अनुसार मामले को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (जेसीएससी) के अध्यक्ष जनरल नदीम रजा की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई राष्ट्रीय सुरक्षा बैठक में सुरक्षा मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा हुई। बैठक के बारे में सेना के मीडिया विंग ने जानकारी साझा की।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस तरह की बैठक में पहली बार सभी सशस्त्र बलों के अधिकारी शामिल थे। अफगानिस्तान में टीटीपी के साथ पाकिस्तानी सेना की अगुवाई वाली इस वार्ता में तीनों सेना प्रमुखों सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा, नौसेना प्रमुख एडमिरल मुहम्मद अमजद खान नियाजी और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू के अलावा आईएसआई के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अंजुम, पेशावर कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल फैज हामिद और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

सेना के मीडिया विंग ने बताया कि फोरम को पश्चिमी सीमा, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही बैठक में रणनीतिक और पारंपरिक नीतियों के क्षेत्र में तेजी से विकास, क्षेत्र में सतत विकास के लिए अफगानिस्तान में शांति के महत्व और सशस्त्र बलों की परिचालन तैयारियों पर भी चर्चा की गई।
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सेना ने जानकारी देते हुए बताया कि व्यापक सुरक्षा रणनीति के अनुसार बैठक में शामिल होमे वाले अधिकारियों ने खतरों के पूरे स्पेक्ट्रम का जवाब देने का संकल्प लिया। इससे पहले सैन्य नेतृत्व ने सरकार से कहा था कि वह शांति को एक मौका देना चाहता है, लेकिन अगर टीटीपी उस समझौते का पालन नहीं करता है तो उसको जवाब दिया जाएगा। 

गौरतलब है कि प्रतिबंधित संगठन टीटीपी के साथ शांति बहाली पर बातचीत पिछले साल से चल रही है, लेकिन अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई बड़ी सफलता की घोषणा नहीं की गई है। पाकिस्तानी सेना अधिकारी आतंकवादी संगठन को भंग करने, हथियार रखने और संविधान के सम्मान की मांग कर रहे हैं। वहीं, टीटीपी तत्कालीन आदिवासी क्षेत्रों से सुरक्षा बलों की वापसी की मांग कर रहा है। साथ ही वह अपने लड़ाकों की रिहाई और 2018 में कबायली एजेंसियों के खैबर पख्तूनख्वा के साथ हुए विलय को रद्द करने, और क्षति के लिए मुआवजे की मांग भी कर रहा है। 

पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ पीस स्टडीज डेटाबेस के अनुसार, टीटीपी ने इस साल लगभग 46 हमले किए हैं। इनमें से ज्यादातर हमले सुरक्षा बलों के खिलाफ किए गए थे। इन हमलों में 79 लोग मारे गए थे।

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