सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार राष्ट्रपति के अध्यादेश को लागू करने की योजना बना रही थी, लेकिन अगर आईएमएफ की चिंता बनी रहती है, तो वह संसद का एक अधिनियम ला सकती है।
नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने चिंता व्यक्त की है। आईएमएफ अधिकारियों ने कहा है कि पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियां शहबाज शरीफ सरकार के कठिन आर्थिक फैसलों को लागू करने की राह में बाधा बन सकती हैं।
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यह बात तब सामने आई है, जब आईएमएफ के अधिकारियों ने मंगलवार को वित्त मंत्री इशाक डार से मुलाकात की है। बता दें, आईएमएफ की टीम आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए बेलआउट पैकेज कार्यक्रम को लेकर पाकिस्तान पहुंची है।
वित्त मंत्री ने दिया आश्वासन
हालांकि, पाकिस्तान के वित्तमंत्री इशाक डार ने कहा है कि उनकी सरकार राजनीतिक संवाद पर विश्वास करती है और आईएमएफ की शर्तों के तहत कड़े फैसलों को लागू किया जाएगा, इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है।
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अधिनियम लागू कर सकती है सरकार
सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि डार ने कहा कि सरकार अतिरिक्त करों को इस तरह से लागू करने की कोशिश करेगी, जिससे किसी भी तरह की कानूनी और राजनीतिक चुनौतियों से बचा जा सके। सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार राष्ट्रपति के अध्यादेश को लागू करने की योजना बना रही थी, लेकिन अगर आईएमएफ की चिंता बनी रहती है, तो वह संसद का एक अधिनियम ला सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नए करों को लागू करने में संसद को कम से कम 14 दिन लगेंगे।