पाकिस्तान के मुरीदके में टीएलपी और पुलिस के बीच हुई झड़प में एक एसएचओ समेत टीएलपी के चार प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है। सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है। यह झड़प उस समय हुई जब पहले ही देश में माहौल तनावपूर्ण है। प्रदर्शन फिलहाल शांत कर दिए गए हैं, लेकिन प्रशासन सतर्क है कि दोबारा भीड़ न इकट्ठी हो।
तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच सोमवार तड़के मुरीदके में हिंसक झड़प हुई। पुलिस ने बताया कि सुबह 3 बजे शुरू हुई कार्रवाई करीब छह घंटे चली। इस दौरान एक स्टेशन हाउस ऑफिसर शहीद हो गया और चार टीएलपी सदस्यों की मौत हो गई। साथ ही इस झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल भी हो गए।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
टीएलपी ने शुक्रवार को लाहौर से 'गाजा और फलस्तीन के समर्थन' में रैली शुरू की थी। उनका इरादा इस्लामाबाद पहुंचकर अमेरिकी दूतावास के बाहर प्रदर्शन करने का था। सरकार ने इस मार्च को रोकने के लिए रास्तों पर गड्ढे खुदवाकर और बैरिकेड लगाकर रास्ते बंद कर दिए थे। प्रदर्शनकारियों ने फिर मुरीदके में डेरा डाल दिया। रविवार देर रात पुलिस और पाकिस्तानी रेंजर्स (पंजाब) ने इलाके को घेर लिया। सोमवार तड़के सुरक्षा बलों ने भीड़ को हटाने की कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान हिंसा भड़क गई।
विज्ञापन
झड़प में कितने लोग हुए हताहत?
पंजाब पुलिस के प्रवक्ता मुबाशिर हुसैन ने बताया, एसएचओ शहजाद नवाजकी शहीदी शेखुपुरा के फैक्ट्री एरिया थाने में गोलीबारी के दौरान हुई। इस दौरान तीन टीएलपी प्रदर्शनकारी भी मारे गए। इस दौरान 48 पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें 17 को गोली लगी है। आठ आम नागरिक घायल हुए और एक राहगीर की मौत हो गई।
हमले में क्या हुआ?
पंजाब पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर, कीलों वाले डंडों और पेट्रोल बम से हमला किया। इसके बाद गोलियां चलीं। पुलिस ने सीमित कार्रवाई कर भीड़ को तितर-बितर किया। इस दौरान करीब 40 सरकारी और निजी वाहनों में आग लगा दी गई। कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार भी किया गया है। सोशल मीडिया पर झड़पों की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें जली हुई गाड़ियां और धुआं उठता दिख रहा है। इस झड़प के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर कई अहम सड़कें और हाईवे दोबारा बंद कर दिए।
इंटरनेट और स्कूलों पर असर
इस्लामाबाद में मोबाइल इंटरनेट चालू है, लेकिन रावलपिंडी के कुछ इलाकों में नेटवर्क धीमा है। कई स्कूलों ने सुरक्षा की स्थिति को देखते हुए छात्रों को समय से पहले छुट्टी दे दी। माता-पिता को संदेश भेजे गए कि बच्चे तुरंत ले जाए जाएं। इससे ट्रैफिक में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने दावा किया कि फिलहाल मुरीदके से प्रदर्शनकारियों को हटा दिया गया है, लेकिन शहरों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।