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पाकिस्तान में परहेज: महज 0.2 फीसदी लोगों ने लगवाए टीके, मौलवियों से ली जा रही मदद भी बेअसर

Tue, 27 Apr 2021 11:18 PM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

देश में सिर्फ पढ़े-लिखे लोग ही टीके लगवा रहे हैं। अब तक 0.2 फीसदी ने ही कोरोना वैक्सीन लगवाई। 
 
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फाइल फोटो - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत में जहां अब तक 14 करोड़ से ज्यादा लोगों को टीके लग चुके हैं, वहीं पड़ोसी देश पाकिस्तान में यह संख्या बेहद मामूली है। इतनी बड़ी तादाद में टीके लगने के बाद भी महामारी से भारत का बुरा हाल है, ऐसे में पाकिस्तान में खतरे को महसूस किया जा सकता है। 

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वैक्सीन लगवाने में रुचि नहीं
कोरोना टीकाकरण अभियान पाकिस्तान में भी चल रहा है, लेकिन सरकार के प्रयासों को कामयाबी नहीं मिल रही है, क्योंकि वहां की अधिसंख्य आबादी में टीके के प्रति रुचि नहीं है। इमरान सरकार टीकाकरण के प्रति जागरूकता के प्रयास कर रही है, लेकिन केवल शिक्षित लोग ही टीकाकरण करवा रहे हैं।

लोगों का कहना है कि उन्हें कोरोना टीकों से डर है। उन्हें ऐसा लगता है कि वैक्सीन की वजह से उन्हें कुछ हो सकता है। उधर टीकाकरण में जुटी संस्थाएं अखबारों, मौलवियों और सोशल मीडिया के माध्यम से टीकाकरण के प्रति जागरूकता के प्रयास कर रही है, लेकिन वे कामयाब नहीं हो रहे। 
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अब तक मात्र आठ लाख ने लगवाए
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में अब तक मात्र आठ लाख लोगों ने टीके लगवाए हैं। यह आंकड़ा कुल आबादी का 0.2 फीसदी है। 'द डिप्लोमैट' में प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तरह चलता रहा तो देश के 22 करोड़ लोगों को टीका लगवाने में पाकिस्तान को करीब पांच साल लगेंगे। 

इन क्षेत्रों में मास्क से भी परहेज
कराची, इस्लामाबाद, मुल्तान और पेशावर के अलावा पंजाब व खैबर पख्तूनख्वा में भी लोग टीकाकरण से दूरी बनाए हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तो लोगों ने मास्क पहनने से भी इनकार कर रहे हैं। 
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इजरायल सबसे आगे
इजरायल अपने 60 फीसदी से ज्यादा लोगों को टीके लगा चुका है। जबकि ब्रिटेन 50, बहरीन 40, भूटान 63 प्रतिशत लोगों को टीके लगा चुका है। 

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