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Pakistan: आतंकी अब्दुल बाकी नूरजई की क्वेटा में गोली मारकर हत्या, कल ही लश्कर आतंकी अबु कताल को बनाया निशाना

Mon, 17 Mar 2025 02:59 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

अब्दुल बाकी नूरजई पर हमला ऐसे वक्त हुआ है, जब रविवार को ही लश्कर ए तैयबा के कमांडर जिया उर रहमान, जिसे नदीम उर्फ अबु कताल के नाम से भी जाना जाता था, उसे अज्ञात हमलावरों ने पंजाब के झेलम में मौत के घाट उतार दिया था।
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पाकिस्तान सेना - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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पाकिस्तान के आतंकी और जमीयत उलेमा ए इस्लाम के नेता मुफ्ती अब्दुल बाकी नूरजई की क्वेटा में गोली मारकर हत्या कर दी गई। पाकिस्तान में हाल के समय में कई आतंकियों की अज्ञात हमलावरों द्वारा हत्या की गई है। अब उस कड़ी में अब्दुल बाकी नूरजई का नाम भी जुड़ गया है। गौरतलब है कि रविवार को ही लश्कर ए तैयबा के आतंकी अबु कताल की भी पाकिस्तान पंजाब के झेलम में गोली मारकर हत्या कर दी गई। 
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पाकिस्तान में टारगेट किलिंग का नया शिकार बना नूरजई
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नूरजई को क्वेटा हवाई अड्डे के नजदीक गोलियां मारी गई। हमले में नूरजई गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अभी तक नूरजई पर हमलावरों की पहचान नहीं हुई है और उनकी तलाश की जा रही है। पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बीते कुछ समय से आतंकियों को निशाना बनाया जा रहा है। जिन लोगों को निशाना बनाया गया है, उनमें आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा, जैश ए मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े लोग शामिल हैं। 

ये भी पढ़ें- Pakistan: हाफिज सईद के करीबी आतंकी अबू कताल की पाकिस्तान में हत्या, कश्मीर में कई हमलों में रहा संलिप्त
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रविवार को ही अबु कताल को किया गया ढेर
अब्दुल बाकी नूरजई पर हमला ऐसे वक्त हुआ है, जब रविवार को ही लश्कर ए तैयबा के कमांडर जिया उर रहमान, जिसे नदीम उर्फ अबु कताल के नाम से भी जाना जाता था, उसे अज्ञात हमलावरों ने पंजाब के झेलम में मौत के घाट उतार दिया था। अबु कताल लश्कर ए तैयबा के संस्थापक खूंखार आतंकी हाफिज सईद का करीबी था और जम्मू कश्मीर में कई आतंकी हमलों में शामिल रहा था। 
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अबु कताल ने साल 2000 की शुरुआत में जम्मू कश्मीर में घुसपैठ की और यहां कई आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया। पुंछ और राजौरी जिलों में अबु कताल का मजबूत नेटवर्क था। साल 2023 में राजौरी के डांगरी गांव में हिंदू समुदाय के लोगों पर हुए हमले के पीछे भी अबु कताल का नाम सामने आया था। उस हमले में पांच लोग मारे गए थे। जून 2024 में शिव खोड़ी मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं पर हमले के पीछे भी अबु कताल का ही हाथ था, जिसमें नौ लोग मारे गए थे। 

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