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ग्रे लिस्ट से बाहर आने के लिए छटपटा रहा पाकिस्तान, एफएटीएफ में 125 सवालों पर दी सफाई

Tue, 10 Sep 2019 02:00 PM IST
शिल्पा ठाकुर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
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इमरान खान - फोटो : social media
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पाकिस्तान ने सोमवार को उन 125 सवालों का विस्तार से उत्तर दिया है, जिन्हें फाइनेेंशल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने पूछा था। इन सवालों का जवाब देकर पाकिस्तान एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से बाहर आना चाहता है। इसी कारण ये सवाल उससे पूछे गए थे। बता दें एफएटीएफ अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के वित्तपोषण की निगरानी करने वाली संस्था है। 

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उत्तरों वाली ये रिपोर्ट पाकिस्तान के वित्त मंत्री हमद अजहर ने सौंपी है। जो एफएटीएफ वार्ता के लिए बैंकॉक में 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। ये वार्ता 13 सितंबर तक जारी रहेगी। एफएटीएफ के एशिया प्रशांत संयुक्त समूह ने अन्य देशों के साथ पाकिस्तान की अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा करने के लिए बैंकॉक में सोमवार को चार दिवसीय बैठक शुरू कर दी है। ये समूह मंगलवार को पाकिस्तान की रिपोर्ट पर चर्चा करेगा।

पाकिस्तान की टीम के अन्य लोगों में स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान, वित्त और आंतरिक मंत्रालय, संघीय सुरक्षा एजेंसी, फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू, राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधी प्राधिकरण और वित्तीय निगरानी इकाई के अधिकारी शामिल हैं। पेरिस में 16-18 अक्तूबर तक होने वाली एफएटीएफ की बैठक के बाद ये फैसला लिया जाएगा कि पाकिस्तान ग्रे लिस्ट में रहेगा या फिर ब्लैकलिस्ट में डाल दिया जाएगा।
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ये भी पढ़ें: क्या है UNHRC, जहां कश्मीर मुद्दे पर आमने-सामने होंगे भारत और पाकिस्तान

बैंकॉक वार्ता के दौरान, एफएटीएफ को संदिग्ध लेनदेन (आतंकियों के वित्तपोषण) को रोकने के लिए पाकिस्तान द्वारा किए जा गए उपायों से अवगत कराया जाएगा और पाकिस्तानी अधिकारियों को गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने और गैरकानूनी संगठनों और समूहों की संपत्ति को फ्रीज करने के कदमों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
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पाकिस्तान आंतकी संगठनों जैसे लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और अन्य संगठनों का समर्थन करने के कारण एफएटीएफ के रडार पर है। इसके अलावा, हाफिज सईद जैसे आतंकवादी नियमित रूप से भारत विरोधी बयानबाजी करते हुए डोनेशन एकत्रित करते हैं। 22 अगस्त को एशिया पैसिफिक ग्रुप (एपीजी) ने पाकिस्तान को मानदंड पूरा ना कर पाने के कारण ब्लैक लिस्ट में भी डाल दिया था। 

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