पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (फाइल फोटो)
जम्मू-कश्मीर मामले को लेकर पाकिस्तान की हाय-तौबा अभी तक शांत नहीं हुई है। पहले प्रधानमंत्री इमरान खान इस मुद्दे को लेकर पूरी दुनिया का चक्कर काट रहे थे और भारत की नकारात्मक छवि पेश करने की कोशिश में लगे हुए थे। अब यह जिम्मेदारी वहां के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने संभाल ली है।
कुरैशी ने पाकिस्तान में नियुक्त यूरोपीय देशों के राजनयिकों से मुलाकात ही। इस मुलाकात में उन्होंने दावा किया कि भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध न होने की वजह पाक खुद है। कुरैशी ने कहा कि भारत तो पाक से युद्ध चाहता था, यह तो पाकिस्तान की समझदारी है कि हम अभी तक युद्ध से बचे हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक कुरैशी ने यूरोपीय राजनयिकों के लिए दोपहर के भोजन का आयोजन किया था। इसके बाद उन्होंने भारत के खिलाफ खूब जहर उगला। कश्मीर मुद्दे को फिर से उठाते हुए कुरैशी ने आरोप लगाया कि भारत ने कश्मीर में अत्याचार की हद पार कर दी है। उन्होंने एक तरह से भारत को धमकी देते हुए कहा कि भारत का कश्मीर को अपने में मिलाने के फैसले का दूरगामी अंजाम होंगे।
उन्होंने कहा भारत के इन कदमों से मानवधिकारों की स्थिति और खराब होगी। उन्होंने कश्मीर के फैसले को एकतरफा बताया और कहा कि यह फैसला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के प्रस्तावों के खिलाफ है। मनगढ़ंत आरोप लगाते हुए कुरैशी ने कहा कि भारत ने कश्मीर में कर्फ्यू लगा रखा है।