पेरिस स्थित वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) के पाकिस्तान को ग्रे सूची में रखने की समय सीमा बढ़ाने को लेकर भारत का पड़ोसी देश जबरदस्त दबाव में है। इसी के मद्देनजर पाक के भ्रष्टाचार-रोधी वॉचडॉग ने वित्तीय अपराधों और संसाधनों के अवैध हस्तांतरण की जांच के लिए एक एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी वित्तीय सेल की स्थापना की है।
एफएटीएफ की ग्रे सूची से बाहर निकलने को लेकर देखी जा रही छटपटाहट
बता दें कि पाकिस्तान लगातार एफएटीएफ की ग्रे सूची से बाहर निकलने के लिए छटपटा रहा है। डॉन अखबार ने सोमवार को बताया कि पाकिस्तान के राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने ऐसे समय पर यह कार्रवाई की है जब उसे विश्व संस्था ने भी मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) और आतंकी फंडिंग की रणनीतिक रूप से अहम कमियों को दूर करने के लिए कहा है।
बता दें कि ग्रे सूची में पाक की स्थिति बरकरार रखने का एक अन्य बड़ा कारण वहां आतंकी सरगना हाफिज सईद और मसूद अजहर के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं होना भी है। वॉचडॉग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने डॉन अखबार को बताया कि नया बनाया गया सेल एफएटीएफ सचिवालय और संबंधित हितधारकों के साथ धन शोधन और आतंकी फंडिंग को रोकने के लिए समन्वय करेगा।