पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एससीओ सम्मेलन में दक्षिण एशिया के विवादों को सुलझाने के लिए संरचित संवाद शुरू करने की अपील की। उन्होंने सिंधु जल संधि का जिक्र किया और सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय समझौतों का सम्मान करने को कहा। शरीफ ने इस्राइल की ईरान पर कार्रवाई की आलोचना की और गाजा हिंसा रोकने की मांग की।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन में भाषण देते हुए कहा कि दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता के लिए विवादों को सुलझाने का एक संगठित और संरचित संवाद शुरू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बहुपक्षवाद, संवाद और कूटनीति की ताकत में भरोसा रखता है और हमेशा एकतरफा कदमों से दूरी बनाए रखने की नीति पर चलता है।
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शरीफ ने कहा कि एससीओ पाकिस्तान के लिए ऐसा मंच है, जो क्षेत्रीय सहयोग और एकीकरण की उसकी प्रतिबद्धता को सबसे बेहतर तरीके से सामने लाता है। उन्होंने जोर दिया कि पाकिस्तान हमेशा से बहुपक्षीय कूटनीति का पक्षधर रहा है और उसका मानना है कि बातचीत और आपसी सहयोग से ही विवादों का हल निकाला जा सकता है।
भारत-पाक जल संधि और विवादों का मुद्दा
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में सिंधु जल संधि का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सभी देशों को अंतरराष्ट्रीय और द्विपक्षीय समझौतों का सम्मान करना चाहिए और इसी सिद्धांत का पालन सभी एससीओ सदस्य देशों द्वारा किया जाना जरूरी है। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को रोक दिया था। शरीफ ने कहा कि लंबित विवादों पर एक संरचनात्मक संवाद की जरूरत है।
इस्राइल और क्षेत्रीय सुरक्षा पर बयान
क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान हर प्रकार के आतंकवाद की निंदा करता है, चाहे वह किसी भी रूप में क्यों न हो। उन्होंने तथाकथित “राज्य प्रायोजित आतंकवाद” की भी आलोचना की। शरीफ ने ईरान पर इस्राइल की कथित अनुचित आक्रामकता को अस्वीकार्य बताया और गाजा में खून-खराबे को तुरंत रोकने की मांग की।
अफगानिस्तान और जलवायु संकट
अफगानिस्तान की स्थिति पर शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान एक शांतिपूर्ण और स्थिर अफगानिस्तान का समर्थन करता है, क्योंकि यह पूरे क्षेत्र के हित में है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान, चीन और अफगानिस्तान के बीच त्रिपक्षीय सहयोग से सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान में आई हालिया बाढ़ का भी जिक्र किया, जिसने बड़े पैमाने पर जान-माल की हानि पहुंचाई है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर चीन, का सहयोग और एकजुटता दिखाने के लिए धन्यवाद दिया।