जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर के वैश्विक आतंकवादी घोषित होने के बाद पाकिस्तान ने बुधवार को कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र के मसूद पर लगाए गए प्रतिबंधों को तत्काल लागू करेगा।
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंध को भारत की जीत और उसके रुख की पुष्टि को मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का मानना है कि आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए खतरा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति की लिस्टिंग स्पष्ट नियमों के तहत होती है और इसको लेकर फैसले आम सहमति से लिए जाते हैं।
फैसल ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा ही इन तकनीकी नियमों का सम्मान करने की जरूरत पर बल दिया है और समिति के राजनीतिकरण का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि मसूद अजहर के खिलाफ पहले के प्रस्तावों में आम सहमति नहीं बन सकी थी क्योंकि वे तकनीकी पहलुओं पर खरे नहीं उतरे थे।
उन्होंने कहा कि ये प्रस्ताव पाकिस्तान की छवि को खराब करने वाले थे और इसलिए इन्हें हम खारिज करते रहे। उन्होंने दावा किया कि इस बार के प्रस्ताव में मसूद को पुलवामा हमले से लिंक नहीं किया गया।
फ्रांस, अमेरिका व ब्रिटेन ने किया स्वागत, चीन बोला- विरोध की वजह नहीं मिली
संयुक्त राष्ट्र के मसूद पर प्रतिबंध लगाने का स्वागत करते हुए फ्रांस, अमेरिका व ब्रिटेन ने कहा कि हम पिछले कई सालों से मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित कराने के लिए अथक प्रयास कर रहे थे और आखिरकार इसमें हमें सफलता मिली।
वहीं दूसरी ओर चीन ने कहा कि संशोधित दस्तावेज को सावधानीपूर्वक अध्ययन करने के बाद हमें मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित करने के विरोध की कोई वजह नहीं मिली।
मोदी की विदेश नीति काम आई: जेटली
भाजपा नेता और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संयुक्त राष्ट्र में मिली कामयाबी का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को देते हुए कहा कि भारत अब सुरक्षित हाथों में हैं। यह प्रधानमंत्री की सफल विदेश नीति का ही नतीजा है।