पाकिस्तानी मीडिया का कहना है कि पाक से राजनयिक पहुंच की अनुमति दिए जाने के बाद इस्लामाबाद में वरिष्ठ भारतीय राजनयिक गौरव अहलूवालिया ने कुलभूषण जाधव से मुलाकात की। सरकारी सूत्रों के अनुसार भारतीय उप-उच्चायुक्त ने जाधव से करीब दो घंटे तक बातचीत की। दोनों के बीच बातचीत पाकिस्तान की एक जेल के अंदर हुई।
तीन साल से ज्यादा वक्त से पाक जेल में बंद यह कुलभूषण की पहली काउंसलर एक्सेस थी। पाक ने रविवार को दूसरी बार कुलभूषण को काउंसलर एक्सेस देने का प्रस्ताव दिया था, जिसे भारत ने स्वीकार कर लिया। जाधव से मुलाकात के बाद के बाद अहलूवालिया ने पाक में भारत के उप उच्चायुक्त से भी मुलाकात की।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने शाम को एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया है कि भारतीय राजनयिक ने कुलभूषण से मुलाकात की। यह स्पष्ट था कि वे अत्यधिक दबाव में थे। उन पर पाक के झूठे दावे को सही साबित करने का दबाव दिखाई दे रहा था।
इससे पहले भारत ने कहा था कि हमें उम्मीद है कि पाकिस्तान सही माहौल उपलब्ध कराएगा ताकि बैठक स्वतंत्र, निष्पक्ष, सार्थक और अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) के आदेशों की भावना के अनुरूप हो सके। रविवार को पाकिस्तान ने कहा था कि वह अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत के आदेश पर कुलभूषण जाधव को सोमवार को राजनयिक पहुंच देगा।
सेवानिवृत्त नौसेना अधिकारी की राजनयिक से मुलाकात की शर्तों पर भारत और पाकिस्तान में मतभेद के कारण करीब छह हफ्ते बाद पाकिस्तान ने रविवार को यह एलान किया। पाकिस्तान विदेश विभाग के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने रविवार को ट्वीट कर कहा, जाधव को विएना समझौते, आईसीजे के आदेश और पाकिस्तान के कानून के तहत राजनयिक पहुंच दी जाएगी। फैसल ने हालांकि यह नहीं बताया था कि बातचीत के दौरान पाकिस्तानी अधिकारी रहेगा या नहीं।
राजनयिक पहुंच देने से इनकार करता रहा है पाक
पाकिस्तान जाधव को राजनयिक पहुंच देने से हमेशा इनकार करता रहा है। भारत हर बार विएना संधि का हवाला देकर अपने नागरिक से मुलाकात की अपील करता रहा लेकिन पाक उसे ठुकराता रहा। अंतरराष्ट्रीय दबाव में उसने जाधव की उनकी मां और पत्नी से मुलाकात कराई थी लेकिन इसका भी उसने तमाशा बना दिया था जिसकी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर काफी आलोचना हुई थी।
क्या होती है राजनयिक पहुंच (कॉन्सुलेर एक्सेस)?
अगर किसी देश के नागरिक को दूसरे देश में गिरफ्तार किया जाता है, तो गिरफ्तार करने वाले देश को बिना देरी किए वीसीसीआर के अधिकारों के तहत उसके मूल देश को जानकारी देनी होगी। इसमें गिरफ्तार शख्स को उसके राजनयिक से मिलवाना भी शामिल है।