पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान चार दिन की चीन यात्रा पर थे। इस दौरान वह पूरी तरह से चीन के सामने नतमस्तक नजर आए। चीन से लगातार मिल रहे आर्थिक व सैन्य सहयोग के चलते इमरान खान ने चीनी सरकार का हर मुद्दे पर बिना शर्त समर्थन किया। इस दौरान उन्होंने वन चाइन पॉलिसी के तहत ताइवान, दक्षिणी चीन सागर, शिनजियांग व तिब्बत जैसे मुद्दों का भी समर्थन किया।
उइगर मुस्लिमों पर भी चीन का समर्थन
चीन प्रेम में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने उइगर मुस्लिमों का दर्द भी भुला दिया। उन्होंन इस मसले पर भी चीन का समर्थन किया और कहा कि, स्थिति वैसी नहीं है, जैसी पश्चिमी मीडिया द्वारा दिखाई जा रही है। जबकि, 200 से ज्यादा देश उइगर मुसलमानों के मानवाधिकार के हनन को लेकर चीन पर कार्रवाई की मांग कर चुके हैं।
क्या है इमरान के बिना शर्त समर्थन की वजह
दअरसल, पाकिस्तान इन दिनों बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहा है। खुद इमरान खान एक कार्यक्रम के दौरान इस बात को स्वीकार चुके हैं, कि पाकिस्तान पर विदेशी कर्ज बढ़ता जा रहा है और सरकारी खजाना खाली हो चुका है। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान भी ऐसा ही बयान जारी कर चुका है। ऐसे में अपनी चार दिवसीय यात्रा में इमरान खान की चीन पर बढ़ती निर्भरता नजर आई। यात्रा के दौरान, इमरान खान ने बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक के उद्घाटन समारोह में भाग लिया।
यहां तक कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विशेष सहायक खालिद मंसूर खुद इसका खुलासा कर चुके हैं कि पाकिस्तान किस हद तक चीनी इच्छाओं के आगे झुक गया। मंसूर ने दावा किया कि चीन ने ऋण रोलओवर, मुद्रा विनिमय में विस्तार और अतिरिक्त वित्तीय सहायता के लिए पाकिस्तान की मदद का वादा किया है। दरअसल, पाकिस्तान की तरफ से चीन से चार बिलियन डॉलर का ऋण रोलओवर, मुद्रा विनिमय को 4.5 बिलियन अमरीकी डॉलर से बढ़ाकर 10 बिलियन डॉलर और 5.5 बिलियन डॉलर की अतिरिक्त वित्तीय सहायता के लिए अनुरोध किया गया है।