साक्षात्कार में राशिद ने कहा कि पूर्व सैन्य तानाशाह परवेज मुशर्रफ दुश्मनों के उन इलाकों में ड्रोन हमलों को प्रभावी मानते थे, जो पाकिस्तानी बलों की पहुंच से बाहर हैं। तालिबानी आतंकियों ने अफगानिस्तान की सरकार के खिलाफ हमले तेज कर दिए हैं। एक मई से अमेरिकी अगुआई वाली अंतरराष्ट्रीय सेना की वापसी प्रक्रिया शुरू के बाद ऐसा हो रहा है। पिछले सप्ताह ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि उनका देश अमेरिका को तालिबान के खिलाफ अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं करने देगा। बता दें कि हाल ही जम्मू एयरफोस स्टेशन पर हुए ड्रोन हमले में पाकिस्तान का हाथ होने की भी आशंका जताई जा रही है।
विदेश मंत्री ने किया था तालिबानी का बचाव
हाल ही में पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अफगानिस्तान में हिंसा को लेकर तालिबान का बचाव किया था। इसके लिए उन्होंने आईएसआईएस पर दोष मढ़ा था। उन्होंने कहा था कि अफगानिस्तान में हिंसा के लिए तालिबान को जिम्मेदार ठहराना 'अतिशयोक्ति' होगी। अफगानिस्तान के भीतर आईएसआईएस जैसी ताकते मौजूद हैं। उन्हें युद्ध की स्थिति से लाभ होता हैं। वे अपने हित के आगे कुछ नहीं देख पा रहे। क्या तालिबान को पाकिस्तान फंड करता है? इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इससे बाहर निकलिए। अगर आप इसमें फंसे रहेंगे तो ज्यादा दूर तक नहीं जा पाएंगे। हम चाहते हैं कि आप लंबा सफर तय करें।