पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान की जेल में बंद राजनीतिक कार्यकर्ता बाबा जान को नौ साल की कैद के बाद रिहा कर दिया है। उनके खिलाफ हुंजा की नसीराबाद घाटी में चीनी कंपनियों को मार्बल की खदानों के अवैध आवंटन का मुद्दा उठाने पर मामला दायर किया गया था।
बता दें कि बाबा जान की रिहाई को लेकर पाकिस्तान में कई बार प्रदर्शन हो चुके हैं। बाबा जान लेबर पार्टी पाकिस्तान (LPP) के नेता हैं। पिछले साल फरवरी में बाबा जान को रिहा करने की मांग तेज हुई थी। उस वक्त उनकी तबीयत खराब बताई जा रही थी और समर्थक चाहते थे कि उन्हें जल्द छोड़ा जाना चाहिए।
कौन हैं बाबा जान?
बाबा जान लेबर पार्टी पाकिस्तान (LPP) के नेता हैं। बात 2010 की है, तब जलवायु परिवर्तन की वजह से गिलगित-बाल्टिस्तान की हुंजा नदी के पास लैंडस्लाइड हुआ था। इस घटना की वजह से ऐटाबाद झील का निर्माण तो हुआ, लेकिन हजारों गांववालों को अपने घरों से हाथ धोना पड़ा। लैंडस्लाइड इतना भयानक था कि गिलगित-बाल्टिस्तान को बाकी पाकिस्तान से जोड़नेवाले हाइवे को भी नुकसान पहुंचा था, जिसकी वजह से गांववालों को मदद मिलने में भी दिक्कत हो रही थी।