फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाकिस्तान और यूएन वॉच के बीच जुबानी जंग, कहा - मानवाधिकार संंगठन में रहने लायक नहीं पाकिस्तान

Mon, 09 Nov 2020 03:29 PM IST
Tanuja Yadav वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
विज्ञापन
प्रधानमंत्री इमरान खान - फोटो : twitter.com/PakPMO
विज्ञापन

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और संयुक्त राष्ट्र समर्थित एनजीओ यूएन वॉच के बीच अभिव्यक्ति की आजादी और मानवाधिकार को लेकर जुबानी जंग चल रही है। इमरान खान ने पांच नवंबर को लिखा था कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर ईशनिंदा बर्दाश्त के बाहर है। ऐसा माना जा रहा है कि इमरान खान ने फ्रांस के विवाद को लेकर यह बयान दिया था। 

विज्ञापन



इस पर यून वॉच ने जवाब देते हुए लिखा कि आपकी संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार संगठन में मौजूदगी बर्दाश्त के बाहर है। बता दें कि पाकिस्तान पर देश में मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगते रहे हैं। यूएन वॉच ने 28 सितंबर को एक बयान भी साझा किया था, जिसमें पाकिस्तान को यूएनएचआरसी में शामिल किए जाने पर विरोध जताया था।

बता दें कि फ्रांस में मोहम्मद पैगंबर के कार्टून दिखाने को लेकर शिक्षक की हत्या कर दी गई थी। इमरान खान समेत कई पाकिस्तानी नेताओं ने इस हत्या का परोक्ष रुप से समर्थन किया था। वे बार-बार बोलते रहे कि बोलने की आजादी के नाम पर धर्म की आलोचना या ईशनिंदा नहीं होनी चाहिए।
विज्ञापन


भारत कई बार पाकिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघन के मामले उठाता रहा है। भारत ने कई बार आरोप लगाए हैं कि पाकिस्तान सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में लगातार लोगों को प्रताड़ित करता रहा है। इधर इमरान खान के मीडिया सलाहकार अर्सलान खालिद ने यूएन वॉच पर मुसलमानों के खिलाफ पूर्वाग्रही होने का आरोप लगाया है और कहा है कि यह इजराइल समर्थक एनजीओ है।

इस पर पलटवार करते हुए यूएन वॉच ने कहा कि पाकिस्तान मुसलमानों का रक्षक होने का ढोंग करता है। वह चीन के शिनझियांग प्रांत में दस लाख से ज्यादा वीगर मुसलमानों के मानवाधिकारों के हनन पर कुछ नहीं बोलता है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें