पाकिस्तान में हुए आम चुनाव में धांधली के आरोप लग रहे हैं। इन आरोपों से बेखबर पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव कराने की तैयारी कर ली है। चुनाव आयोग ने 9 मार्च को राष्ट्रपति चुनाव कराने का एलान कर दिया है। पाकिस्तान के उच्च सदन सीनेट से आधे सदस्य अपना छह साल का कार्यकाल पूरा कर जल्द ही रिटायर होने वाले हैं। ऐसे में सीनेटर्स के रिटायरमेंट से दो दिन पहले 9 मार्च को राष्ट्रपति पद का चुनाव कराया जाएगा।
आसिफ अली जरदारी राष्ट्रपति पद की रेस में सबसे आगे
पाकिस्तान का राष्ट्रपति बनने की रेस में पीपीपी नेता आसिफ अली जरदारी सबसे आगे हैं। पीपीपी के एक नेता ने बताया कि मौजूदा सीनेटर्स राष्ट्रपति का चुनाव करेंगे। नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएलएन के नेतृत्व में छह पार्टियां आसिफ अली जरदारी को समर्थन दे रहे हैं। जरदारी इससे पहले भी पाकिस्तान के राष्ट्रपति रह चुके हैं और साल 2008 से 2013 के बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति के रूप में काम कर चुके हैं। पाकिस्तान में बीती 8 फरवरी को आम चुनाव हुए थे, जिसमें किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। इमरान खान की पार्टी पीटीआई को सबसे ज्यादा 93 सीटें मिलीं थी। वहीं पीएमएल-एन को 75 और पीपीपी को 54 सीटों पर जीत मिली थी।
आरिफ अल्वी का बीते साल सितंबर में ही समाप्त हो चुका है कार्यकाल
पाकिस्तान में सीनेट के चुनाव भी मार्च के पहले हफ्ते में होने थे, लेकिन आम चुनाव में देरी की वजह से अब ये मार्च के अंतिम सप्ताह में या फिर अप्रैल में होंगे। यही वजह है कि पुराने सीनेटर्स ही अब राष्ट्रपति का चुनाव करेंगे। पाकिस्तान के मौजूदा राष्ट्रपति आरिफ अल्वी का कार्यकाल बीते साल सितंबर में ही पूरा हो गया था, लेकिन नए राष्ट्रपति के चुनाव तक उनके कार्यकाल को विस्तार दिया गया है। डॉ. आरिफ अल्वी पाकिस्तान के लोकतांत्रिक रूप से चुने चौथे राष्ट्रपति हैं, जो अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। अल्वी से पहले चौधरी फजल इलाही, आसिफ अली जरदारी, ममनून हुसैन भी अपना कार्यकाल पूरा चुके हैं।