पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि सत्ता से हाल ही में बेदखल हुई पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समर्थकों को उनके प्रदर्शन के लिए एक वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराएं। सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों से कहा कि पीटीआई समर्थकों को उनके आजादी मार्च के लिए वैकल्पित स्थान दिया जाए ताकि वह प्रदर्शन कर सकें और फिर अपने घर जा सकें।
न्यायाधीश अहसन, मुनीब अख्तर और सैयद मजहर अली अकबर नकवी की तीन सदस्यीय पीठ ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद शोएब शाहीन की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। याचिका में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की ओर से बुलाए गए विरोध मार्च को दबाने के लिए राजधानी में लगाए गए अवरोध हटाने के लिए दखल देने की मांग की गई थी।
'प्रदर्शन करने दीजिए, फिर घर जाने दीजिए'
दलीलें सुनने के बाद पीठ ने इस्लामाबाद के मुख्य आयुक्त को आदेश दिया कि वह पीटीआई कार्यकर्ताओं को रैली के लिए वैकल्पिक स्थल उपलब्ध कराएं और प्रदर्शनकारियों के लिए एक ट्रैफिक प्लान भी तैयार करें। न्यायाधीश अहसन ने कहा, 'उन्हें प्रदर्शन करने दीजिए और फिर घर जाने दीजिए।' उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट यह उम्मीद करती है कि मौजूदा सरकार इन अवरोधों को हटाएगी।
न्यायाधीशों ने आयुक्त को इस काम के लिए एक योजना तैयार करने के लिए दोपहर 2.30 बजे (स्थानीय समयानुसार) तक का समय दिया था। इसके साथ ही अदालत ने पीटीआई की ओर से पेश हुए अधिवक्ता फैसल चौधरी से भी कहा कि वह प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वार्ता की मेज पर बैठें। पीठ ने इसे लेकर चौधरी को पार्टी नेतृत्व से दिशानिर्देश पाने के लिए 2.20 बजे तक का समय दिया था।
इमरान खान कर रहे हैं इस मार्च का नेतृत्व
इसी बीच, इस्लामाबाद के लिए पीटीआई का यह मार्च बुधवार को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एम-2 मोटरवे पर वाली इंटरचेंज से शुरू हुआ। पीटीआई के प्रमुख इमरान खान अपने हजारों समर्थकों के साथ एक ट्रक पर इस मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं। वह पेशावर से यहां एक हेलिकॉप्टर से पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों के काफिले को राजधानी पहुंचने से पहले कई स्थानों पर अवरोधों का सामना करना पड़ेगा।