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Pakistan: शरीफ सरकार की मुश्किल फिर बढ़ाएंगे इमरान, अब इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरेंगे पूर्व प्रधानमंत्री

Sat, 31 Dec 2022 04:10 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

विश्लेषकों के मुताबिक जिस समय महंगाई के मुद्दे पर पीटीआई सड़कों पर उतरी होगी, शरीफ सरकार के लिए आईएमएफ की शर्तों पर अमल करना आसान नहीं होगा। 
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और इमरान खान। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ फिर से सड़क पर उतरने का एलान कर दिया है। अब उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने महंगाई के खिलाफ मुहिम छेड़ी है। इमरान खान ने यह अभियान ठीक उस समय शुरू किया है, जब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने अपनी शर्तें मनवाने के लिए शरीफ के नेतृत्व वाली पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।

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पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशहाक डार ने इस हफ्ते कहा कि आईएमएफ की शर्तें मानने के अलावा पाकिस्तान के सामने कोई और चारा नहीं है। जबकि आम समझ है कि इन शर्तों को मानने से देश में महंगाई बढ़ेगी। आईएमएफ की एक प्रमुख शर्त है कि सरकार अपना राजकोषीय घाटा कम करे। इसलिए सरकार को पेट्रोलियम सहित कई जरूरी चीजों पर दी जा रही सब्सिडी में कटौती करनी होगी। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक इसी संभावना को देखते हुए इमरान खान ने महंगाई को फिर से राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में लाने की रणनीति अपनाई है।

इमरान खान ने शहबाज शरीफ सरकार को जल्द आम चुनाव कराने पर मजबूर करने के नेशनल असेंबली में अपनी पार्टी के सभी सांसदों को इस्तीफा देने का निर्देश दिया था। इन सांसदों ने इस्तीफे सौंप दिए थे, लेकिन स्पीकर ने अभी तक उसे मंजूर नहीं किया है। गुरुवार को स्पीकर रजा परवेज अशरफ ने एक बार फिर इस्तीफों को मंजूर करने से इनकार कर दिया। उसके कुछ ही देर बाद पीटीआई ने महंगाई, बिजली, गैस की कमी और देश की आम तौर पर बिगड़ रही आर्थिक स्थिति के खिलाफ शुक्रवार से आंदोलन शुरू करने की घोषणा कर दी। 
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विश्लेषकों के मुताबिक इस महीने की शुरुआत में जल्द चुनाव कराने के लिए सत्ता पक्ष और पीटीआई के बीच सहमति बनने के जो संकेत मिले थे, ऐसा लगता है कि पीडीएम उससे मुकर गया है। तब यह कहा गया था कि इसी सहमति के कारण इमरान खान ने तब चल रहे अपने लॉन्ग मार्च को अचानक खत्म कर दिया। लेकिन जल्द चुनाव के कोई संकेत ना मिलने के कारण अब उन्होंने फिर से उस मुद्दे को लेकर आंदोलन छेड़ने का फैसला किया है, जिससे सरकार के लिए सबसे ज्यादा मुश्किल बढ़ेगी। विश्लेषकों के मुताबिक जिस समय महंगाई के मुद्दे पर पीटीआई सड़कों पर उतरी होगी, शरीफ सरकार के लिए आईएमएफ की शर्तों पर अमल करना आसान नहीं होगा। 

पीटीआई के एलान के मुताबिक आंदोलन के पहले चरण में पीटीआई के सांसद और विधायक अपने-अपने चुनाव क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन करेंगे। यह कार्यक्रम तीन हफ्तों तक चलेगा। उसके बाद आंदोलन का नेतृत्व इमरान खान संभालेंगे। पीटीआई ने कहा है कि यह आंदोलन नए चुनाव के कार्यक्रम का एलान होने तक जारी रहेगा। इमरान खान ने आम जन से अपील की है कि वे उनकी पार्टी के विरोध प्रदर्शनों में शामिल होकर अपनी नाराजगी का इजहार करें। 

गुरुवार को इमरान खान ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। उसमें नए आंदोलन की पूरी रूपरेखा तैयार की गई। इसके मुताबिक इस आंदोलन के दौरान कपड़ा उद्योग, ऑटोमोबिल इंडस्ट्री और अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही दिक्कतों पर खास जोर दिया जाएगा।

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