अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत और पाकिस्तान के बीच शनिवार को हुए संघर्ष विराम का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं। बड़बोले ट्रंप की ओर से किए जा रहे ट्वीट पर पाकिस्तान तारीफ करते नहीं थक रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्रालय एक्स पर पोस्ट पर अमेरिका का आभार जता रहे हैं। बता दें कि ट्रंप ने रविवार सुबह कहा कि वे भारत और पाकिस्तान के साथ मिलकर कश्मीर के मुद्दे का हजार साल बाद हल निकालने की कोशिश करेंगे।
जिसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाद शरीफ ट्रंप की तारीफों के पुल बांधने में जुटे हुए हैं। शहबाज शरीफ ने एक्स पर लिखा कि मैं राष्ट्रपति ट्रंप के अग्रणी नेतृत्व और वैश्विक शांति के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा दक्षिण एशिया में स्थायी शांति लाने में बड़ी भूमिका निभाने के उनके सबसे मूल्यवान प्रस्ताव के लिए उनका बहुत आभारी हूं। दशकों से पाकिस्तान और अमेरिका ऐसे साझेदार रहे हैं जिन्होंने हमारे आपसी हितों की रक्षा और संवर्धन के साथ-साथ दुनिया के महत्वपूर्ण हिस्सों में शांति और सुरक्षा के लिए मिलकर काम किया है। मुझे विश्वास है कि राष्ट्रपति ट्रंप के तौर पर पाकिस्तान को एक बेहतरीन साझेदार मिला है जो हमारी रणनीतिक साझेदारी को फिर से जीवंत कर सकता है और न केवल व्यापार और निवेश में बल्कि सहयोग के अन्य सभी क्षेत्रों में पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों को मजबूत कर सकता है।
वहीं दूसरी ओर से डोनाल्ड ट्रंप के ट्वीट के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट लिखकर कहा, पाकिस्तान दोनों देशों के संबंधों के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वक्तव्य का स्वागत करता है। हम पाकिस्तान और भारत के बीच हाल ही में हुए युद्धविराम समझौते का समर्थन करने में अन्य मित्र देशों के साथ-साथ संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा निभाई गई रचनात्मक भूमिका की सराहना करते हैं; यह तनाव कम करने और क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक कदम है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने आगे लिखा कि हम राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा जम्मू और कश्मीर विवाद के समाधान के उद्देश्य से किए जा रहे प्रयासों का समर्थन करने की इच्छा व्यक्त करने की भी सराहना करते हैं। यह एक ऐसा दीर्घकालिक मुद्दा है जिसका असर दक्षिण एशिया और उससे आगे की शांति और सुरक्षा पर पड़ता है। पाकिस्तान इस बात की पुष्टि करता है कि पाकिस्तान भी चाहता है कि जम्मू-कश्मीर विवाद का कोई भी समाधान संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के मुताबिक होना चाहिए। इसमें कश्मीरी लोगों के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए, जिसमें आत्मनिर्णय का उनका अविभाज्य अधिकार भी शामिल है।
मंत्रालय की ओर से जारी बयान में आगे कहा गया है, पाकिस्तान क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समृद्धि को बढ़ावा देने के प्रयासों में संयुक्त राज्य अमेरिका और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ जुड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। हम संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ अपनी बहुमुखी साझेदारी को और अधिक गहरा बनाने की आशा करते हैं, विशेष रूप से व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग के क्षेत्रों में।
पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारतीय सेना ने सात मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। जिसमें कई कुख्यात आतंकी भी मारे गए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच हालात बिगड़े और दो दशक बाद चरम पर पहुंच गए। वहीं पाकिस्तान की तरफ से भारत के शहरों को निशाना बनाए जाने के बाद, भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने सभी को नाकाम करते हुए उसका माकूल जवाब दिया। भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के 14 सैन्य ठिकानों को ध्वस्त कर दिए। इससे घबराए पाकिस्तान ने भारत के सामने सीजफायर का प्रस्ताव रखा, जिसे दोनों देशों ने आपसी चर्चा के बाद लागू कर लिया।