फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ceasefire: भारत की मार के बाद पाकिस्तान के ठिकाने आए होश, ख्वाजा आसिफ ने कश्मीर मुद्दा सुलझाने की जताई इच्छा

Sun, 11 May 2025 03:52 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

भारत से टकराने के बाद पाकिस्तान के होश ठिकाने आ गए है और अब वो सभी मुद्दे सुलझाने की बात कर रहा है। बता दें कि, सीजफायर के बाद बातचीत करते हुए पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि सिंधु जल संधि, आतंकवाद और कश्मीर से जुड़े पर भारत से प्रमुख मुद्दों पर संभावित वार्ता में चर्चा की जा सकती है।
विज्ञापन
ख्वाजा आसिफ, पाकिस्तानी रक्षा मंत्री - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने द्विपक्षीय संबंधों में संभावित नरमी का संकेत देते हुए कहा कि कश्मीर, आतंकवाद और सिंधु जल संधि जैसे प्रमुख मुद्दों पर भारत के साथ भविष्य की किसी भी वार्ता में चर्चा की जा सकती है। आसिफ की यह टिप्पणी तब आई जब उनसे भारत के साथ भूमि, वायु और समुद्र पर सभी गोलीबारी और सैन्य कार्रवाइयों को तत्काल प्रभाव से रोकने के लिए संघर्ष विराम समझौते के बाद लंबित मुद्दों से निपटने के बारे में पूछा गया। उन्होंने कहा कि अगर संघर्ष विराम शांति की ओर बढ़ने में मदद करता है, तो यह एक स्वागत योग्य कदम होगा। उन्होंने कहा कि अभी कुछ भी कहना निश्चित रूप से जल्दबाजी होगी।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Shimla Agreement: क्या है शिमला समझौता, भारत-PAK सीजफायर के बीच क्यों उठा यह मुद्दा; ट्रंप ने ऐसा क्या कहा?

'दक्षिण एशिया के लिए महत्वपूर्ण है शांति'
वहीं एक स्थानीय चैनल ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के हवाले से कहा, 'ये तीन प्रमुख मुद्दे हैं जिन पर चर्चा की जा सकती है।' पाकिस्तान ने इस कदम को औपचारिक 'युद्ध विराम समझौता' बताया, जबकि भारत ने इसे अधिक सावधानी से 'समझौता' बताया। यह समझौता चार दिनों तक सीमा पार ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद हुआ, जिससे दोनों देश पूर्ण पैमाने पर युद्ध के कगार पर पहुंच गए। कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तानी मंत्री ने कहा, 'समय बीतने के साथ शांति के अवसर उत्पन्न हो सकते हैं।' मंत्री ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि भारत और विशेष रूप से इसका नेतृत्व एक दिन पार्टी हितों पर क्षेत्र के भविष्य को प्राथमिकता देगा।' उन्होंने कहा कि समानता पर आधारित शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व दक्षिण एशिया के लिए महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Brahmos Missile: दुश्मन के रडार से बचकर सटीक निशाना साध सकती है ब्रह्मोस; रफ्तार ध्वनि की गति से तीन गुना तेज

पाकिस्ता ने चीन, तुर्की, अजरबैजान का जताया आभार
उन्होंने संकट के दौरान पाकिस्तान को चीन, तुर्की, अजरबैजान और खाड़ी देशों सहित सहयोगियों से मिले कूटनीतिक समर्थन की भी सराहना की। भारत और पाकिस्तान दोनों ने शनिवार को भूमि, वायु और समुद्र में सभी शत्रुतापूर्ण गतिविधियों पर तत्काल युद्ध विराम की घोषणा की। हालांकि, शनिवार को भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम समझौते पर पहुंचने के कुछ ही घंटों बाद, जम्मू और कश्मीर में ड्रोन देखे जाने और हमलों ने हलचल मचा दी, जिससे हवाई खतरों को बेअसर करने के लिए भारतीय सुरक्षा बलों की तरफ से कार्रवाई गईं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें