पाकिस्तान सरकार और संयुक्त राष्ट्र संघ दोनों ने पाकिस्तान में भीषण मानसूनी बारिश के बाद बाढ़ की विभीषिका के लिए जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार बताया है। शहबाज शरीफ ने कहा कि मानसूनी बारिश के बाद पाकिस्तान के लोगों के सामने स्वास्थ्य, खाने और सुरक्षा के साथ ही देश के अंदर ही विस्थापन जैसी समस्याएं पैदा हो गईं हैं।
पाकिस्तान में इस समय हालात बेहाल हैं। पाकिस्तानी अवाम बाढ़ और आर्थिक तंगी की मार झेर रही है। वहीं, दूसरी ओर देश के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बड़बोलापन दिखा रहे हैं। दरअसल, पाकिस्तान के पीएम शहबाज शऱीफ ने एक बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि वे भीख का कटोरा लेकर नहीं घूमेंगे। एक अखबार को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने ये बातें कहीं। उन्होंवने कहा कि उन्हें प्रदूषण फैलाने वाले अमीर देशों के पास 'भीख का कटोरा' लेकर जाने के लिए उन्हें मजबूर ना किया जाए। उन्होंने ये भी कहा कि बाढ़ की वजह से पाकिस्तान का एक तिहाई हिस्सा प्रभावित हुआ है।
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गौरतलब है कि पाकिस्तान सरकार और संयुक्त राष्ट्र संघ दोनों ने पाकिस्तान में भीषण मानसूनी बारिश के बाद बाढ़ की विभीषिका के लिए जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार बताया है। शहबाज शरीफ ने कहा कि मानसूनी बारिश के बाद पाकिस्तान के लोगों के सामने स्वास्थ्य, खाने और सुरक्षा के साथ ही देश के अंदर ही विस्थापन जैसी समस्याएं पैदा हो गईं हैं। उन्होंने यह भी बताया कि देश में इन समस्याओं की वजह से 3.3 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। इस सबको देखते हुए वे अंतरराष्ट्रीय समुदाय से 'जलवायु न्याय' की मांग करेंगे।
इस दौरान जलवायु परिवर्तन और वैश्विक कार्बन उत्सर्जन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का इसमें न्यूनतम योगदान है। इसके बावजूद हम पीड़ित बने हुए हैं। ऐसे में विकसित देशों की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे स्वयं ही हमारी मदद के लिए आगे आएं।
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पाकिस्तान के पीएम ने विश्व के विभिन्न देशों द्वारा दी जा रही सहायता पर कहा कि ये सहायता पर्याप्त नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वे ऐसे सभी देशों के नेताओं के आभारी हैं जो पाकिस्तान के साथ सहानुभूति भरे बयान दे रहे हैं, लेकिन बयान देने की अपेक्षा ये जरूरी है कि वे अपने बयानों को जमीन पर लाएं।
गौरतलब है कि ताजा आंकड़ों और अनुमानों के मुताबिक, पाकिस्तान में भारी मानसून की बारिश और ग्लेशियरों के पिघलने के कारण आई बाढ़ से 1700 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। इतना ही नहीं, देश को बारिश और बाढ़ की वजह से 40 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ है। आलम ये है कि अब लोग भूखे सोने को मजबूर हैं।