पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ का ट्रंप को बधाई देना पड़ा भारी।
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का डोनाल्ड ट्रंप को बधाई देना उनके लिए भारी पड़ गया है। उन पर अपनी ही सरकार के दौरान बनाए गए कानूनी नियमों के उल्लंघन का आरोप लगा है। यह पूरा मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स से जुड़ा है। दरअसल, एक्स को पाकिस्तान में प्रतिबंधित किया गया है। यह बैन खुद शहबाज शरीफ की सरकार ने लगाया था। हालांकि, शहबाज की तरफ से एक्स पर पोस्ट ने अब उनके लिए ही मुसीबत खड़ी कर दी है। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इस पाखंडी बैन और वीपीएन के इस्तेमाल का आरोप लगाकर शरीफ को घेरा है।
शहबाज शरीफ ने 6 नवंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जीत के लिए ट्रंप को बधाई दी थी। इसमें उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के साथ आगे करीब से काम करने की इच्छा जताई थी। इसके बाद उनके पोस्ट पर कुछ ही देर बाद एक कम्युनिटी नोट नजर आने लगा। इस पोस्ट में साफ कहा गया कि पीएम शहबाज शरीफ ने खुद एक्स को पाकिस्तान में प्रतिबंधित किया है। लेकिन वह खुद वीपीएन के जरिए एक्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो कि पाकिस्तान में गैरकानूनी है।
क्या बोले सोशल मीडिया यूजर्स?
जहां पाकिस्तान में आम लोग एक्स से दूर हैं, वहीं प्रधानमंत्री, उनके कैबिनेट मंत्री और सभी मंत्रालय, विदेशी अधिकारी जनता तक पहुंचने के लिए एक्स का उपयोग कर रहे हैं। पाकिस्तानी सरकार के इस पाखंड को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स ने निशाना साधा है। एक यूजर ने लिखा- "अगर पाखंड का इंसानी चेहरा होता तो वो बिल्कुल शहबाज शरीफ जैसा होता।" एक और यूजर ने एलन मस्क को टैग करते हुए लिखा, "मिस्टर ट्रंप, ये जोकर आपको बधाई देने के लिए वीपीएन के जरिए एक्स का इस्तेमाल कर रहा है। एलन मस्क, पाकिस्तान में एक्स पर बैन लगाया गया है।"
इस साल की शुरुआत में ही एक्स पर लगा था प्रतिबंध
पाकिस्तान में 8 फरवरी को हुए आम चुनाव में इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) समर्थित उम्मीदवारों के आक्रोश के बाद, 17 फरवरी, 2024 से एक्स पर प्रतिबंध लगा दिया गया। जबकि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर पहले ही सोशल मीडिया को शातिर मीडिया घोषित कर चुके हैं और इस डिजिटल आतंकवाद से लड़ने की जरुरत पर जोर दे चुके हैं।
पाकिस्तान की गृह मंत्रालय ने उच्च न्यायालय को बताया था कि उसने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि एक्स शांति और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है क्योंकि यह गलत सूचना फैलाता है और हिंसा भड़काता है। शहबाज सरकार ने यह भी कहा कि एक्स पर प्रतिबंध खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर लगाया गया था।