पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने गुरुवार को देर रात एलान किया कि पाकिस्तानी संसद यानी नेशनल असेंबली को नौ अगस्त को भंग कर दिया जाएगा। शरीफ के इस एलान से विपक्षी नेता इमरान खान के साथ ही गठबंधन के कुछ साथी भी नाराज हैं। इसे सत्ता में बने रहने के लिए शरीफ की चाल माना जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि नौ अगस्त को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ नेशनल असेंबली को भंग करने के लिए राष्ट्रपति को औपचारिक सलाह भेजेंगे। सांविधानिक प्रावधानों के अनुसार, इसे प्रभावी बनाने के लिए राष्ट्रपति को 48 घंटों के भीतर सलाह पर हस्ताक्षर करना होगा। अगर किसी भी कारण से राष्ट्रपति सलाह पर हस्ताक्षर नहीं करते हैं, तो नेशनल असेंबली अपने आप भंग हो जाएगी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री शहबाज ने आश्वासन दिया कि विपक्ष के साथ तीन दिनों के परामर्श के बाद वह कार्यवाहक प्रधानमंत्री का नाम राष्ट्रपति को सौंपेंगे। हालांकि, अगर कोई समझौता नहीं होता है, तो पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) हस्तक्षेप करेगा और प्रस्तावित नामों में से कार्यवाहक प्रधानमंत्री पद के लिए एक उम्मीदवार को नामित करेगा।
असल में संसद का कार्यकाल 12 अगस्त को पूरा हो रहा है। संविधान के मुताबिक कार्यकाल पूरा होने 60 दिन के भीतर चुनाव कराने होंगे, वहीं समय पूर्व संसद भंग होने पर चुनाव कराने के लिए 90 दिन का समय मिलता है। गुरुवार रात सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं को दावत के दौरान शरीफ ने बताया कि 3 दिन के भीतर उन्हें केयर टेकर पीएम चुनना होगा। हालांकि, नियमों के मुताबिक केयर टेकर पीएम चुनने के लिए विपक्ष से भी चर्चा करनी होती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इमरान सहित उनके ज्यादातर सासंदों की सदस्यता को या तो छीना जा चुका है या वे इस्तीफा दे चुके हैं, ऐेसे में विपक्ष की भूमिका में कौन होगा।
90 दिन से ज्यादा चलेगी कार्यवाहक सरकार
राजनीतिक विश्लेषक रमीज खान के मुताबिक शहबाज शरीफ जिस तरह से कार्यवाहक सरकार की बिसात बिछा रहे हैं, उसे देखकर लगता है कि यह सरकार 90 दिन के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय के लिए होगी। इसके पीछे देश के आर्थिक हालात बड़ी वजह हैं।
चुनाव का आर्थिक बोझ सहने में सक्षम नहीं
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने मार्च में एक कार्यक्रम में कहा था कि वित्त मंत्रालय के पास चुनाव कराने के लिए कुछ फंड नहीं बचा है। एक अनुमान के मुताबिक पाकिस्तान में आम चुनाव कराने में 40 से 60 अरब पाकिस्तानी रुपये (16-20 करोड़ डॉलर) खर्च होंगे। पाकिस्तान के खजाने में फिलहाल करीब 800 करोड़ डॉलर हैं।
ईरानी राष्ट्रपति ने यूएई के राष्ट्रपति को किया आमंत्रित
ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायेद अल नहयान को तेहरान के आधिकारिक दौरे पर आमंत्रित किया है। ईरान और यूएई असल में एक-दूसरे के विरोधी रहे हैं। लेकिन, पिछले दिनों चीन की मध्यस्थता के बाद ईरान और सऊदी अरब के बीच रिश्ते बहाल होने के बाद ईरान और अरब देशों के बीच संबंध सुधरने लगे हैं।
भारत दुनिया का सबसे सुसंगत व तर्कशील लोकतंत्र : दोराईस्वामी
ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस से पहले लंदन में एक विशेष समारोह में कहा कि भारत दुनिया के सबसे सुसंगत और तर्कशील लोकतंत्रों में से एक है। यहां संस्थाएं उत्साहपूर्वक अपनी स्वतंत्रता की रक्षा करती हैं। वे भारत की आजादी के 76वें वर्ष के उपलक्ष्य में भारतीय विद्या भवन के वार्षिक उत्सव के मुख्य अतिथि के रूप में भाग ले रहे थे। इस दौरान उन्होंने 50 साल से अधिक पुराने इस सांस्कृतिक संगठन की समावेशी भावना पर व्यक्तव्य दिया।
महंगाई काबू करने को सुपरमार्केटों से समझौते में जुटी इटली सरकार
इटली सरकार महंगाई पर काबू पाने के लिए कई सुपरमार्केट चेन के साथ समझौते के प्रयास में जुटी है। हालांकि, सुपरमार्केटों की तरफ से सरकार को अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। ऐसे में सरकार ने मुद्रास्फीति काबू करने की योजनाओं के तहत सुपरमार्केट व उत्पादकों को दी जाने वाली रियायतों को कम करने पर विचार कर रही है।
स्विस दूतावास ने भारतीयों के लिए निलंबित नहीं किया है शेंगेन वीजा
स्विस दूतावास ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने भारतीय पर्यटकों के लिए शेंगेन वीजा को निलंबित नहीं किया है और सितंबर 2023 के अंत तक लगभग प्रतिदिन 800 एपाइंटमेंट्स पर विचार किया जा रहा है। मिशन ने कहा कि दोनों देशों के बीच संपर्क मधुर हैं।