पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ
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हाल ही में पाकिस्तान में आई बाढ़ ने जबरदस्त तबाही मचाई है। यहां कृषि भूमि, कारोबार, शहरी क्षेत्रों से जुड़ी सड़कों के साथ अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचा है। इस बीच पाकिस्तान की खस्ता हालात पर पीएम शहबाज शरीफ का दर्द छलक पड़ा है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को लेकर मित्र देश भी पाकिस्तान को भीख मांगने वाले के रूप में देखने लगे हैं।
हम 75 साल से भीख का कटोरा लेकर भटक रहे हैं
स्थानीय मीडिया के अनुसार शाहबाज शरीफ एक वकीलों से जुड़े सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, इस दौरान उन्होंने कहा कि आज जब हम किसी मित्र देश में जाते हैं या उनको फोन करते हैं, तो वे सोचते हैं कि हम उनके पास पैसे मांगने आए हैं। शरीफ ने कहा कि छोटी अर्थव्यवस्थाओं ने भी पाकिस्तान को पीछे छोड़ दिया है और हम पिछले 75 साल से भीख का कटोरा लेकर भटक रहे हैं।
बाढ़ के कारण अर्थव्यवस्था की चुनौती से जूझ रहा पाकिस्तान
प्रधानमंत्री शरीफ के अनुसार पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बाढ़ से पहले भी चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना कर रही थी। 30 वर्षों में आई सबसे भीषण बाढ़ ने इसे और अधिक जटिल बना दिया, जून की शुरुआत से 1,400 से अधिक लोग मारे गए और तीन करोड़ से ज्यादा लोग प्रभावित हुए। पाकिस्तान के अनुसार कि देश को बारिश और बाढ़ की वजह से 40 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने पाकिस्तान दौरे पर अंदाजा लगाया था कि उसे बाढ़ से करीब 30 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।
पाकिस्तान का एक तिहाई हिस्सा पानी में डूबा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान का एक तिहाई हिस्सा पानी में डूबा हुआ है और हर सात में से एक व्यक्ति बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है, जिससे अनुमानित रूप से 12 खरब अमरीकी डॉलर का नुकसान हुआ है, जिससे लगभग 78, 000 वर्ग किलोमीटर ( दो करोड़ एकड़) फसल पानी में डूबी हुई है।