पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ।
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि खान ने न केवल 60 अरब अमेरिकी डॉलर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) की प्रगति रोकी, बल्कि 'सदाबहार सहयोगी' चीन के साथ संबंधों को भी नुकसान पहुंचाया।
सीपीईसी पर हस्ताक्षर के एक दशक पूरे होने के अवसर पर एक कार्यक्रम के दौरान शरीफ ने कहा कि इस मेगा परियोजना ने पाकिस्तान को क्षेत्र और दुनिया में प्रगति करने में मदद की। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, शहबाज ने कहा कि सीपीईसी ने कई परियोजनाओं की शुरुआत के साथ पाकिस्तान के विकास परिदृश्य को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि चीनी सरकार और कंपनियों ने विभिन्न परियोजनाओं में 25.4 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश किया।
सीपीईसी बन सकती है गेम-चेंजर
शहबाज शरीफ ने कहा कि सीपीईसी को बढ़ावा दिया जा रहा हैं, यह गरीबी, बेरोजगारी और आर्थिक मंदी को खत्म करने के लिए एक गेम-चेंजर परियोजना है। हालांकि, शरीफ ने इस बात पर अफसोस जताया कि इमरान खान के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने इस परियोजना के बारे में गलतफहमियां पैदा कीं, जिसके परिणामस्वरूप इसका कार्यान्वयन धीमा हो गया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने न केवल सीपीईसी पर प्रगति रोक दी, बल्कि हिमालय से भी ऊंचे इस रिश्ते को नुकसान पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि वर्तमान गठबंधन सरकार ने इसे और मजबूत करने के लिए गंभीर प्रयास किए हैं।
आईएमएफ पर चीन की तारीफ
प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान का समर्थन करने के लिए राष्ट्रपति शी जिनपिंग और चीनी सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि 12 जुलाई को आईएमएफ की बोर्ड बैठक के दौरान समझौते को अंतिम मंजूरी दे दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान आईएमएफ की शर्तों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और देश डिफॉल्ट के खतरे से बाहर है।