पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (फाइल फोटो)
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पाकिस्तान के कराची में स्टॉक एक्सचेंज पर सोमवार को हुए आतंकी हमले को लेकर मंगलवार को पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने संसद में भारत को जिम्मेदार ठहराया है। इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी भारत पर यह आरोप लगाया था, जिसे भारत ने खारिज कर दिया था।
बता दें कि कराची शहर में स्थित 'पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज' पर सोमवार सुबह आतंकवादी हमला था। इस हमले में 11 लोगों की मौत हुई थी। इस हमले को चार आतंकवादियों ने अंजाम दिया था, जिन्हें मुठभेड़ में मार गिराया गया था। हमले में एक पुलिस अधिकारी और चार सुरक्षा गार्ड भी मारे गए थे।
संसद में इमरान ने कहा, जो मुंबई में हुआ था, वे वैसा ही कुछ करना चाहते थे। वे भगदड़ का माहौल बनाना चाहते थे। हमें इस बात में कोई शक नहीं है कि इस हमले के पीछे भारत का हाथ था। उन्होंने कहा आतंकियों के पास भारी मात्रा में हथियार थे लेकिन हमारे सुरक्षा बलों ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया।
इससे पहले सोमवार को पाक विदेश मंत्री कुरैशी ने इस हमले में भारत को घसीटने की नापाक कोशिश की थी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने उनकी टिप्पणी को बेतुका करार दिया था। मंत्रालय ने कहा था कि भारत कराची में हुए आंतकी हमले को लेकर पाकिस्तान के विदेश मंत्री की बेतुकी टिप्पणियों को खारिज करता है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तान अपनी घरेलू समस्याओं का आरोप भारत पर नहीं लगा सकता। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कुरैशी की टिप्पणी के जवाब में कहा था कि पाक के विपरीत कराची सहित दुनिया के किसी भी हिस्से में आतंकवाद की आलोचना करने में भारत झिझकता नहीं है।
इस हमले की जिम्मेदारी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) से संबद्ध मजीद ब्रिगेड ने ली थी। यह संगठन पाकिस्तान, अमेरिका और ब्रिटेन में प्रतिबंधित है। आतंकी एक कार से स्टॉक एक्सचेंज तक पहुंचे थे और अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दी थीं। इस दौरान उन्होंने बहुमंजिला इमारत के मुख्य द्वार पर भी ग्रेनेड फेंके थे।