पाक पीएम इमरान खान (फाइल फोटो)
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का चीन की ओर झुकाव उनकी मुश्किलें बढ़ा सकता है। भारत चीन सीमा विवाद के बीच चीन का साथ देने पर वैश्विक स्तर पर अलग-थलग पड़ने के खतरे के बीच पाकिस्तान विदेश विभाग और इमरान के बीच ठन गई है। पाकिस्तान पर चीन को लेकर अपनी नीति बदलने का भी दबाव दिखाई पड़ने लगा है।
सूत्रों के मुताबिक विदेश विभाग ने इमरान के कार्यालय को चीन के साथ रिश्तों की रूपरेखा पर विचार करने को कहा है। कहा गया कि अगर चीन से दोस्ती जारी रखी गई तो दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है जो देश के लिए ठीक नहीं है।
यूरोपीय संघ द्वारा पाकिस्तान की राष्ट्रीय विमानन कंपनी पीआईए पर प्रतिबंध लगाना इसका पहला संकेत है। यूरोपीय देश चीन के कूटनीतिक स्तर पर बहिष्कार की योजना बना रहे हैं। पाकिस्तान को डर है कि चीन की हरकतों की सजा उसे भी भुगतनी पड़ सकती है।
बलूचिस्तान को लेकर चीन के प्रति गुस्सा
पाकिस्तान में बलूचिस्तान और गिलगित बाल्टिस्तान को लेकर चीन के प्रति वैसे भी बहुत गुस्सा है। पाकिस्तान के एक धड़े को लगता है चीन सीपीईसी के लिए उसके संसाधनों का दोहन कर रहा है। इसमें स्थानीय लोगों और उनके अधिकारों को नजरंदाज किया जा रहा है।