अरोड़ा करतारपुर के रहने वाले हैं और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के अल्पसंख्यक विंग के केंद्रीय महासचिव भी हैं। उनका परिवार करतारपुर में सिख पवित्र स्थलों की सुरक्षा और कल्याण से जुड़ा है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दुनिया भर से सिख तीर्थयात्रियों को आकर्षित करने के लिए सरदार रमेश सिंह अरोड़ा को करतारपुर कॉरिडोर के लिए पहला राजदूत नियुक्त किया है। बुधवार को जारी आदेश में इसकी जानकारी दी गई है।
विज्ञापन
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सरदार रमेश सिंह अरोड़ा यहां मानद रूप से काम करेंगे। अरोड़ा करतारपुर के रहने वाले हैं और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के अल्पसंख्यक विंग के केंद्रीय महासचिव भी हैं। उनका परिवार करतारपुर में सिख पवित्र स्थलों की सुरक्षा और कल्याण से जुड़ा है। उनकी नियुक्ति इसलिए की गई है क्योंकि करतारपुर कॉरिडोर खोले जाने के बाद पाकिस्तान सरकार को जितने श्रद्धालुओं, खासकर भारत से आने की उम्मीद थी उतने आ नहीं रहे हैं।
गौरतलब है कि करतारपुर कॉरिडोर पाकिस्तान में गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारत के पंजाब राज्य के गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक गुरुद्वारा से जोड़ता है। सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव अपने जीवन के अंतिम कुछ सालों में करतारपुर में ठहरे थे। चार किलोमीटर लंबा ये कॉरिडोर में दरबार साहिब जाने के लिए भारतीय सिख श्रद्धालुओं को वीजा-मुक्त सुविधा देता है।
विज्ञापन
साल 2019 में प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक समारोह के दौरान गुरु नानक की 550 वीं जयंती के उपलक्ष्य में औपचारिक रूप से करतारपुर गलियारे का उद्घाटन किया था।