पाकिस्तान के पेशावर में सोमवार दोपहर मस्जिद में हुए ब्लास्ट में अब तक 100 लोगों की मौत हो चुकी है। इस हमले में 150 से ज्यादा लोग घायल भी हुए थे। एक शीर्ष पुलिस अधिकारी का कहना है कि यह ब्लास्ट पुलिस के खिलाफ लक्षित हमला था।
धमाके के समय इलाके में 300-400 पुलिस अधिकारी मौजूद थे
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि विस्फोट से मस्जिद का एक हिस्सा ढह गया और माना जाता है कि कई लोग उसके मलबे के नीचे दबे हैं। उनके अनुसार बम हमलावर पुलिस लाइंस के अंदर, चार स्तरीय सुरक्षा वाली मस्जिद में घुस गया। कैपिटल सिटी पुलिस अफसर (पेशावर) मुहम्मद इजाज खान का हवाला देते हुए डॉन अखबार ने खबर दी कि कई जवान मलबे के नीचे दबे हैं तथा बचावकर्मी उन्हें बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं। धमाके के समय इलाके में 300-400 पुलिस अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि सुरक्षा चूक हुई है। बचाव अभियान के प्रभारी बिलाल फैजी ने कहा कि फिलहाल हमारा ध्यान बचाव अभियान पर है। हमारी पहली प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार किए 17 संदिग्ध
सुरक्षा एजेंसियों ने पेशावर में उच्च सुरक्षा वाली मस्जिद में हुए आत्मघाती विस्फोट के सिलसिले में 17 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों ने इस विनाशकारी विस्फोट में शामिल उन 17 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है जो पाकिस्तान में दशकों में सुरक्षाकर्मियों पर हुआ सबसे घातक हमला है। नाम उजागर न करने की शर्त पर सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तारियां पुलिस लाइन इलाके के नजदीक से की गई हैं और संदिग्धों को जांच के लिए पूछताछ प्रकोष्ठ में भेज दिया गया है।