इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी(फाइल)
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पाकिस्तान की राष्ट्रीय जवादेही ब्यूरो (एनएबी) ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी को तलब किया है। उन्हें राष्ट्रीय अपराध एजेंसी 190 मिलियन पाउंड के अल-कादिर ट्रस्ट मामले सात जून को अपना बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है।
इससे पहले एनएबी की संयुक्त जांच टीम (सीआईटी) ने इमरान खान को सात जून को तलब किया था। सूत्रों ने बताया कि बुशरा बीबी का बयान गवाह के तौर पर दर्ज किया जाएगा। नए कानून के तहत एनएबी किसी व्यक्ति को यह बताने के लिए बाध्य है कि उसे बयान दर्ज कराने के लिए आरोपी या गवाह के रूप में तलब किया जा रहा है या नहीं। प्रक्रिया का पालन करते हुए सीआईटी पहले ही पिछली सरकार के मंत्रियों के बयान दर्ज कर चुकी है।
'द न्यूज इंटरनेशनल' की रिपोर्ट के अनुसार, एनएबी ने अल-कादिर विश्वविद्यालय को मिले सभी दान और ट्रस्ट को दान देने वालों का रिकॉर्ड भी मांगा है। पिछले हफ्ते एनएबी ने जवाबदेही अदालत से कहा था कि बुशरा बीबी की गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है। 'द न्यूज इंटरनेशनल' ने सूत्रों के हवाले से खबर दी कि सीआईटी इमरान खान के पिछली बार दिए जवाब से संतुष्ट नहीं थी और उनसे सात जून को एनएबी की प्रश्नावली का जवाब देने को कहा था।
हालांकि, अल-कादिर ट्रस्ट मामले में इमरान की जमानत को पांच लाख रुपये के मुचलके पर 19 जून तक बढ़ा दिया गया। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) द्वारा तीन कार्य दिवसों के भीतर जवाबदेही अदालत से संपर्क करने का निर्देश दिया गया था जिसके बाद तुरंत बाद खान संघीय न्यायिक परिसर पहुंचे थे। न्यायाधीश ने अल-कादिर ट्रस्ट मामले में पांच लाख रुपये के मुचलके पर खान की जमानत 19 जून तक बढ़ा दी थी।
अल-कादिर ट्रस्ट मामले में आरोप लगाया गया है कि पीटीआई प्रमुख और उनकी पत्नी बुशरा बीबी ने 50 अरब पाकिस्तानी रुपये को वैध बनाने के लिए एक रियल एस्टेट फर्म से अरबों रुपये और सैकड़ों कनाल की जमीन प्राप्त की थी।