पाकिस्तान में खाना पकाने वाले ईंधन का संकट और गहरा गया है। हजारों एलपीजी रिटेलर्स ने सरकारी एजेंसियों द्वारा परेशान किए जाने और एलपीजी कंपनियों तथा मुनाफाखोरों के खिलाफ सरकार द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने के विरोध में अपनी दुकानें बंद कर दी हैं। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बंदी की वजह से उपभोक्ताओं को गैस पाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जबकि दूसरी तरफ अन्य ईंधनों की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के मुताबिक, लाहौर और कई अन्य शहरों में लगभग 5,500 से 6,000 एलपीजी दुकानें बंद हो गई हैं। इससे लोगों को गैस पाने की उम्मीद में खाली सिलेंडर लेकर एक दुकान से दूसरी दुकान भटकना पड़ रहा है।
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एलपीजी कीमतों में कब से हुई बढ़ोत्तरी?
यह हड़ताल ऐसे समय में हुई है जब पिछले करीब दस दिनों से एलपीजी की कीमतें बहुत ज्यादा थीं, जिससे पहले से ही बढ़ती महंगाई से जूझ रहे परिवारों पर बोझ और बढ़ गया है। डीलरों का कहना है कि उन्हें ऐसी कीमतों के संकट के लिए दंडित किया जा रहा है, जो उनके नियंत्रण से बाहर है। दुकानदार काशिफ बिलाल असगर ने आरोप लगाया कि पीईआरए फोर्स और सिविल डिफेंस के कर्मचारियों ने रिटेलर्स से एलपीजी भरने वाले उपकरण जब्त कर लिए हैं। उन्होंने बताया कि एक पंप की कीमत 50,000 से 60,000 पाकिस्तानी रुपये के बीच है, जबकि दुकानदारों पर 5,000 से 10,000 पाकिस्तानी रुपए तक का जुर्माना लगाया गया है।
ओजीआरए पर क्या आरोप लगे?
असगर ने 'ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी' (ओजीआरए) पर आरोप लगाया कि वह एलपीजी कंपनियों और प्लांटों को मुनाफाखोरी के लिए जवाबदेह ठहराने में नाकाम रही है और इसके बजाय सारा जोर छोटे रिटेलर्स पर कार्रवाई करने में लगाया जा रहा है। डीलरों का कहना है कि लगातार लग रहे जुर्माने और आर्थिक नुकसान के कारण उनके पास अपना काम बंद करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा है।
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अन्य ईंधनों की कीमतें भी बढ़ीं
इस विरोध-प्रदर्शन ने उन परिवारों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं, जिन्हें न तो सरकारी तय कीमतों पर और न ही बाजार की मौजूदा दरों पर एलपीजी मिल पा रही है। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के मुताबिक, गैस की नियमित आपूर्ति बाधित होने के कारण, कई उपभोक्ता अब खाना पकाने की अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए कोयले और सूखी लकड़ियों का सहारा ले रहे हैं। हालांकि, अचानक मांग बढ़ने की वजह से अन्य ईंधनों की कीमतें भी बढ़ गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कोयला जो पहले 40 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलोग्राम मिलता था, अब 50 से 60 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बिक रहा है। यानी इसकी कीमत में 10 से 20 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई है।