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India Exposing PAK: 'पाकिस्तान आतंकवाद का गढ़, लोकतंत्र सिर्फ दिखावा', कतर में बोले कांग्रेस नेता आनंद शर्मा

Tue, 27 May 2025 03:33 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दोहा

सार

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कतर पाकिस्तान और आतंकवाद के रिश्ते पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में आतंकवादी संगठनों को ना सिर्फ ट्रेनिंग, फंड और हथियार दिए जाते हैं, बल्कि उन्हें शरण और सुरक्षा भी दी जाती है। साथ ही उन्होंने कहा कि अब आतंकी हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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कांग्रेस नेता आनंद शर्मा - फोटो : ANI
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विस्तार
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कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने सोमवार को पाकिस्तान को लोकतंत्र का दिखावा करार देते हुए उस पर आतंकवाद को पालने-पोसने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में आतंकवादी संगठनों को ना सिर्फ ट्रेनिंग, फंड और हथियार दिए जाते हैं, बल्कि उन्हें शरण और सुरक्षा भी दी जाती है। बता दें कि आनंद शर्मा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-एससीपी) की सांसद सुप्रिया सुले के नेतृत्व में बनाये गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य हैं, जो कतर, मिस्र, इथियोपिया और दक्षिण अफ्रीका की यात्रा पर गए है और अभी वो कतर में हैं। 

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आनंद शर्मा ने पहलगाम आतंकी हमले का किया जिक्र
अपने बयान में आनंद शर्मा ने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें जिम्मेदारी लेने वाला संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ), दरअसल लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद का ही एक हिस्सा है, जो संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकी संगठन हैं। उन्होंने कहा कि ये पहली बार नहीं है जब भारत को सीमा पार से आतंकी हमले का सामना करना पड़ा हो। संसद हमला, उरी, उधमपुर, पुंछ और 26/11 मुंबई हमला इसके उदाहरण हैं।

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आतंकी हमला बर्दाश्त नहीं- शर्मा
आनंद शर्मा ने आगे कहा कि हम यहां आए हैं ताकि दुनिया को यह बताया जा सके कि पाकिस्तान की धरती से भारत पर बार-बार हमले होते हैं और यह अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम दुनिया की जनता को इस खतरे के प्रति जागरूक करना चाहते हैं।

गौरतलब है कि आनंद शर्मा का बयान उस वक्त आया है जब भारत सरकार ने 7 सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल दुनिया के अलग-अलग देशों में भेजे हैं ताकि पाकिस्तान के आतंकवाद से रिश्तों और भारत की जीरो टॉलरेंस नीति के बारे में जागरूकता फैलाई जा सके। ऑपरेशन सिंदूर 7 मई को शुरू हुआ था, जो 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत का सैन्य अभियान था। इस हमले में 26 लोगों की निर्मम हत्या की गई थी।
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भारतीय सेना ने इसके जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (पीएजेके) में आतंकियों के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए। ये आतंकी जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों से जुड़े थे।

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