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Pakistan: इमरान की पार्टी ने पंजाब-केपीके विधानसभाओं को भंग करने की धमकी दी, शाहबाज का भगोड़ा बेटा वतन लौटा

Sun, 11 Dec 2022 05:48 PM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट या पीडीएम वर्तमान में देश पर शासन कर रहे राजनीतिक दलों का एक गठबंधन है। इमरान खान की पीटीआई पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान प्रांतों में सत्ता में है।
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इमरान खान और शहबाज शरीफ(फाइल) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार को एक बार फिर चेतावनी दी। पार्टी ने कहा कि अगर 20 दिसंबर तक अगले आम चुनाव की तारीख घोषित नहीं की गई, तो वह पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों की विधानसभाओं को भंग कर देगी। पूर्व सूचना मंत्री और पीटीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष फवाद चौधरी ने एक ट्वीट में कहा कि सरकार के नेता चुनाव नहीं चाहते हैं और उन्हें पता नहीं है कि देश को कैसे चलाना है।

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उन्होंने पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्यों की आलोचना करते हुए कहा कि देश के मामलों को मंत्रियों की नियुक्ति और विदेश यात्राओं से नहीं चलाया जाता है। अगर पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) 20 दिसंबर तक आम चुनाव कराने का फॉर्मूला नहीं लाता है, तो पंजाब और केपी विधानसभाएं भंग कर दी जाएंगी।

पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट या पीडीएम वर्तमान में देश पर शासन कर रहे राजनीतिक दलों का एक गठबंधन है। इमरान खान की पीटीआई पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान प्रांतों में सत्ता में है।
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चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान को राजनीतिक स्थिरता चाहिए जो बिना स्थिर सरकार के संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों प्रांतों में आम चुनाव की प्रक्रिया 20 मार्च तक पूरी कर ली जाएगी और पीटीआई को इस मुद्दे पर अपने सहयोगियों पर पूरा भरोसा है। इससे पहले चौधरी ने कहा था कि पंजाब के मुख्यमंत्री पंजाब चौधरी परवेज इलाही ने प्रांतीय विधानसभाओं को भंग करने की तारीख बढ़ाने का सुझाव दिया था।

इलाही ने 5 दिसंबर को कहा था कि उन्हें अगले चार महीनों में चुनाव होते नहीं दिख रहे हैं। एक निजी समाचार चैनल के साथ एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था कि चुनाव चार महीने से पहले नहीं हो सकते हैं, संघीय और प्रांतीय सरकारों को काम करने के लिए समय चाहिए और अगले साल अक्तूबर के बाद भी चुनाव में देरी हो सकती है। वर्तमान नेशनल असेंबली का कार्यकाल अगस्त 2023 में समाप्त होगा।

पाक प्रधानमंत्री का भगोड़ा बेटा वतन लौटा
इस बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भगोड़े बेटे सुलेमान शहबाज रविवार तड़के वतन लौट आए। वह करीब चार साल से लंदन में रह रहे थे। वे यहां भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करेंगे। राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने 2018 के आम चुनाव से पहले उनके और उनके परिवार के खिलाफ मामले दर्ज किए थे, जिसके बाद से सुलेमान लंदन में रह रह थे। वह कुछ दिन तो जांच में शामिल हुए, लेकिन फिर लंदन चले गए। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने कुछ दिन पहले सुलेमान की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) और एनएबी के धन शोधन के मामले में उन्हें गिरफ्तार करने पर रोक लगा दी थी। अदालत ने उन्हें 13 दिसंबर से पहले आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था।

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