पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि अगर वह फिर से निर्वाचित होते हैं तो अमेरिका के साथ संबंधों को सुधारना चाहेंगे और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में उन्हें हटाने के लिए इसे दोष नहीं देंगे। तत्कालीन विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव के दौरान उस पर वाशिंगटन के समर्थन के आरोप लगाने के बाद इमरान ने साफ तौर पर यू-टर्न लिया है। अप्रैल में अविश्वास मत से हटा दिए गए इमरान ने तब दावा किया था कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और अमेरिका के बीच हुई साजिश के बाद उन्हें पद से हटाया गया। अमेरिका पाकिस्तान का एक शीर्ष सुरक्षा भागीदार है जिसने देश को सैन्य सहायता के नाम पर अरबों डॉलर प्रदान किए हैं।
इमरान ने दावा किया था कि उनके खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव एक विदेशी साजिश का नतीजा था क्योंकि इस्लामाबाद के चीन और रूस जैसे देशों के साथ संबंधों पर उनकी स्वतंत्र विदेश नीति और उन्हें सत्ता से बेदखल करने के लिए विदेशों से धन भेजा जा रहा था। इस महीने एक हत्या के प्रयास के बाद फाइनेंशियल टाइम्स के साथ एक साक्षात्कार में इमरान खान ने कहा कि वह अब अमेरिका को दोष नहीं देते हैं और दोबारा चुने जाने पर गरिमापूर्ण संबंध चाहते हैं। जहां तक मेरा संबंध है, यह खत्म हो गया है, मैंने इसे पीछे छोड़ दिया है।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर हुए हमले का मामला शांत होता नहीं दिख रहा है। अब इमरान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। पार्टी की ओर से कोर्ट में कई याचिकाएं दायर कर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, गृहमंत्री व सेना के अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है।
बता दें, हमले के दूसरे दिन इमरान खान ने इन तीनों पर खुद की हत्या की साजिश रचे जाने का आरोप लगाया था। हालांकि, कोर्ट के आदेश के बाद भी पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में तीनों के नाम शामिल नहीं किए गए थे। इस मामले में पंजाब पुलिस ने हिरासत में लिए गए हमलावर नवीद मोहम्मद बशीर को मुख्य आरोपी बनाया था। डॉन अखबार के मुताबिक, पीटीआई नेता महमूद कुरैशी ने कहा कि लाहौर, इस्लामाबाद, कराची, पेशावर और क्वेटा में सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्रियों में याचिका दायर की गई है।