पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ ने तय किया है कि वह देश की भ्रष्टाचार विरोधी संस्था और इमरान को गिरफ्तार करने वाले रेंजर्स के खिलाफ केस दर्ज कराएगी। पीटीआई इमरान खान को इस्लामाबाद हाईकोर्ट से जबरन उठाकर ले जाने के मामले में यह एफआईआर कराएगी। बता दें कि इमरान खान की जबरन हुई गिरफ्तारी से पाकिस्तान में हिंसा शुरू हो गई थी और इस हिंसा ने पूरे देश को चपेट में ले लिया था।
दावा- विरोध प्रदर्शन में मारे गए 40 लोग
पीटीआई ने कहा है कि जो लोग निहत्थे, शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोलीबारी करने के जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ हत्या के मामले दर्ज कराए जाएंगे। इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद भड़की हिंसा में 10 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं पीटीआई का दावा है कि मरने वालों का आंकड़ा 40 है। विरोध प्रदर्शन के दौरान पहली बार गुस्साए लोगों ने रावलपिंडी में सेना के मुख्यालय में आग लगा दी थी। साथ ही लाहौर में टॉप कॉर्प्स कमांडर के घर को आग के हवाले कर दिया था।
ये भी पढ़ें-
Imran Khan: अदालत में इमरान ने सुनाई अपनी दास्तां, बोले- मुझे बेहोश होने तक पीटा, अब तक 1400 उपद्रवी गिरफ्तार
पाकिस्तान के गृहमंत्री के खिलाफ केस
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीटीआई की एफआईआर में पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह, पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कार्यकारी मुख्यमंत्री और दोनों प्रांतों के पुलिस आईजी समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम हैं। पीटीआई की रविवार को एक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी, जिसमें अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का फैसला किया गया। इससे पहले रविवार को इमरान खान ने एक इंटरव्यू के दौरान आरोप लगाया कि पाकिस्तान में लोकतंत्र मुश्किल में है और न्यायपालिका ही देश के लिए आखिरी उम्मीद है। इमरान ने आरोप लगाया कि सरकार को डर है कि चुनाव में पीटीआई उसका सूपड़ा साफ कर सकती है।