पाकिस्तान के गृह मंत्री एजाज अहमद शाह ने कहा है कि पूर्व पीएम नवाज शरीफ गंभीर बीमारी का बहाना बना रहे हैं। गौरतलब है कि शरीफ पिछले हफ्ते ही इलाज के लिए लंदन गए हैं। नवाज पाकिस्तान में भ्रष्टाचार के आरोप में चार वर्षों की सजा काट रहे थे। लाहौर हाई कोर्ट की तरफ से उन्हें चार हफ्तों की मोहलत दी गई थी।
पाकिस्तानी गृह मंत्री ने एक साक्षात्कार में कहा कि लोग तो कह रहे थे कि नवाज शरीफ अब मरने ही वाले हैं, लेकिन सबने देखा कि वो कितने आराम से विमान में चढ़ गए और लंदन के लिए रूखस्त हुए। जब नवाज शरीफ को लंदन जाने की अनुमति दी गई थी तो इस संबंध में पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश और प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच तीखी बयानबाजी भी हुई थी।
नवाज की रिपोर्ट और उनके व्यवहार में बहुत फर्क: पाकिस्तानी गृह मंत्री
पाकिस्तानी मीडिया को दिए गए साक्षात्कार में जब एजाज से नवाज मामले में जिक्र किया गया तो उन्होंने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट्स में जो बातें सामने आ रही थी, उनके मुताबिक तो शरीफ बहुत ज्यादा बीमार थे। उन्होंने कहा कि लोग तो यहां तक भी कह रहे थे कि शरीफ अब मरने वाले हैं। लेकिन, पाकिस्तानी हुक्मरानों से लेकर आवाम ने देखा कि किस तरह वो बिना सहारे के आराम से विमान में चढ़े।
एजाज ने कहा कि मेरे कहने का मतलब है कि मेडिकल रिपोर्ट्स और नवाज के व्यवहार में बहुत ज्यादा फर्क है। अगर वो बीमार की तरह जाते तो कोई सवाल नहीं उठता। उन्होंने तो व्हीलचेयर का भी प्रयोग नहीं किया। इसका क्या मतलब है? क्या नवाज शरीफ लंदन की फ्लाइट देखते ही स्वस्थ हो गए थे?
नवाज नहीं लौटे तो इसकी जिम्मेदारी न्यायपालिका की
साक्षात्कार में जब एजाज से यह पूछा गया कि अगर नवाज शरीफ लंदन से वापस नहीं लौटे तो क्या होगा? इस पर उन्होंने कहा कि इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह न्यायपालिका की होगी। हम नवाज से सिक्योरिटी बॉन्ड भरवाना चाहते थे। लेकिन ऐसा नहीं होने दिया गया।
साथ ही एजाज ने कहा कि अब अगर नवाज नहीं लौटते हैं तो कई विकल्प हैं। इंटरपोल से अरेस्ट वॉरेन्ट जारी कराएंगे और नवाज शरीफ को भगोड़ा घोषित करेंगे। इसके अलावा भी कई विकल्प हैं।
पाकिस्तानी गृह मंत्री ने यह स्वीकार किया है कि नवाज के मामले में जिस तरह न्यायपालिका का रुख रहा, उसके बाद से आसिफ अली जरदारी और ऐसे ही कुछ दूसरे राजनेता भी इलाज के लिए देश से बाहर जाने की इजाजत मांग रहे हैं। लेकिन सरकार अब ज्यादा सतर्कता से काम कर रही है।