पाकिस्तान सरकार के गृह मंत्री का दावा है कि इमरान खान को कोई गोली नहीं लगी है और वह झूठ बोल रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या वाकई इमरान खान झूठ बोल रहे हैं? अगर हां तो इससे उन्हें क्या फायदा होगा? आइए जानते हैं...
पाकिस्तान में पिछले दिनों इमरान खान पर आजादी मार्च के दौरान हमला हुआ। उन्होंने दावा किया कि उनके पैर में तीन गोलियां लगीं, जिसे डॉक्टर्स ने ऑपरेशन के जरिए बाहर निकाला। अब इस वारदात पर ही सवाल खड़े होने लगे हैं। खुद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इसे इमरान खान का नाटक बता रहे हैं।
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पाकिस्तान सरकार के गृह मंत्री का दावा है कि इमरान खान को कोई गोली नहीं लगी है और वह झूठ बोल रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या वाकई इमरान खान झूठ बोल रहे हैं? अगर हां तो इससे उन्हें क्या फायदा होगा? आइए जानते हैं...
पहले जानिए शहबाज शरीफ ने क्या कहा?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में एक कार्यक्रम में इमरान खान पर तंज कसा। उन्होंने कहा, 'पंजाब हुकूमत से पूछना चाहिए। आईजी उनके हैं। होम सेक्रेटरी उनके हैं। वो बताएं कि अभी तक पोस्टमार्टम क्यों नहीं हुआ। वह चार गोलियां हैं या 16 गोलियां हैं।'
शहबाज का ये बयान भी काफी चर्चा में है। ऐसा इसलिए क्योंकि शहबाज ने इस घटना की जांच की बात कहने की बजाय पोस्टमार्टम का जिक्र कर दिया। बता दें कि पोस्टमार्टम किसी शख्स की मौत के बाद कारणों का पता लगाने के लिए होता है।
वहीं, पाकिस्तान के गृहमंत्री राणा सनाउल्लाह ने कहा कि इमरान सरासर झूठ बोल रहे हैं। उन्हें चार गोली लगने की बात भी पूरी तरह झूठी है। उन्होंने कहा कि इमरान के आरोपों की जांच के लिए एक स्वतंत्र बोर्ड का गठन हो जो इन आरोपों की जांच करे तो इमरान का झूठ पकड़ा जाएगा। सनाउल्लाह तो यहां तक दावा कर रहे हैं कि अगर इमरान यह साबित कर देते हैं कि उनके पैर में चार गोलियां लगी हैं, तो वह राजनीति छोड़ देंगे।
इमरान की कहानी पर क्यों उठ रहे सवाल?
इसे समझने के लिए हमने पाकिस्तान के पत्रकार अयाज मलिक से बात की। उन्होंने कहा, इस घटना पर शुरू से ही सवाल उठ रहे हैं। इमरान खान को गोली लगी है या नहीं ये तो जांच का विषय है, लेकिन घटना के बाद जिस तरह से बयानबाजी हुई और कदम उठाए गए उससे जरूर सवाल खड़े होने लगे।
1. कितनी गोली लगी इसे लेकर दावे बदलते रहे: घटना के बाद सबसे पहले इमरान खान की पार्टी के हवाले से बयान आया कि उन्हें पैर में एक गोली लगी है। बाद में कहा गया कि उन्हें दोनों पैर में गोली लगी है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में अस्पताल के हवाले से कहा गया कि गोली का टुकड़ा लगा है। हालांकि, बाद में इमरान खान ने चार गोली लगने का दावा किया। इनमें से एक उनके पैर को छूककर गुजर गई जबकि, तीन गोली पैर में लगी। शहबाज शरीफ और पाकिस्तान की केंद्र सरकार में बैठे तमाम नेता और मंत्री भी इसी को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं।
2. पंजाब प्रांत में हुआ हमला, यहां इमरान की पार्टी की सरकार: इमरान खान पर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हमला हुआ है। यहां उन्हीं की पार्टी PTI की सरकार है। उनके विरोध आरोप लगा रहे हैं कि इमरान खान ने सहानुभूति हासिल करने के लिए खुद पर गोली चलने का नाटक रचा। पंजाब सरकार की कार्रवाई भी सवालों के घेरे में है। हमले के तुरंत बाद आरोपी का एक वीडियो जारी कर दिया जाता है, जिसमें वह कबूल भी लेता है। हैरानी की बात ये है कि जिस पाकिस्तान में छोटी-छोटी बात पर लोग एक-दूसरे को जान से मार देते हैं, उस पाकिस्तान में हजारों की भीड़ के बीच किसी ने इमरान खान पर गोली चलाई और वह सुरक्षित बच भी गया।
3. एफआईआर में देरी हुई, जांच भी सवालों में: इमरान खान पर हमले के मामले में पंजाब की पुलिस ने एफआईआर भी देरी से की। जांच को लेकर भी पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार लगातार सवाल उठा रही है। शहबाज शरीफ सरकार चाहती है कि इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी द्वारा कराई जाए। जिससे पंजाब की सरकार लगातार इंकार कर रही है।
गोली चलवाने से इमरान को क्या फायदा मिलेगा?
यही सवाल हमने पाकिस्तानी पत्रकार अयाज मलिक से पूछा। उन्होंने कहा, 'अभी ये साफ तौर पर कहना ठीक नहीं होगा कि इमरान खान ने ही खुद पर गोली चलवाई है। हालांकि जो सवाल उठ रहे हैं, उनके जवाब मिलने जरूरी हैं।' अयाज आगे कहते हैं, 'सरकार से बेदखल होने के बाद से इमरान खान लोगों की सहानुभूति हासिल करने में जुटे हैं। खासतौर पर कोर्ट द्वारा अयोग्य ठहराए जाने के बाद से वह सरकार, सेना और कोर्ट पर तीखे हमले कर रहे हैं। वह खुद को राष्ट्रवादी साबित कर रहे हैं, जबकि मौजूदा शहबाज शरीफ सरकार, सेना और कोर्ट को विदेशी हाथों की कठपुतली।'
उन्होंने आगे कहा, 'ऐसे समय इमरान खान पर गोली लगने का मतलब है कि पूरा देश उनकी बातों पर यकीन कर ले। वह यह दिखाना चाहते हैं कि सरकार, आईएसआई और विदेशी ताकत उन्हें मरवाना चाहती है। यही कारण है कि उनपर हमले हो रहे हैं। वह यह संदेश पूरे देश को देना चाहते हैं और इसी के जरिए लोगों का जनसमर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।'