फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

PAK Heavy Rains: पाकिस्तान में भारी बारिश से 214 लोगों की मौत; कई जिलों में अचानक बाढ़ आई, भूस्खलन की भी मार

Fri, 15 Aug 2025 10:48 PM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पाकिस्तान में भारी बारिश, अचानक बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 214 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग लापता हैं। खैबर पख्तूनख्वा, गिलगित-बाल्टिस्तान और नीलम घाटी में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। दर्जनों घर, पुल और सड़कें बह गई हैं। सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं। 

विज्ञापन
बाढ़ का कहर (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : @डीडी न्यूज लाइव
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पाकिस्तान के कई इलाकों में हो रही भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण अचानक बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में अब तक कम से कम 214 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग लापता हैं। राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं, लेकिन कई इलाकों में सड़कों के टूटने, पुल बह जाने और नदियों के जलस्तर बढ़ने से हालात बेहद गंभीर हो गए हैं।

विज्ञापन


खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लोअर दीर, बाजौर और एबटाबाद जिलों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। लोअर दीर के मैदान सोरी पाओ इलाके में एक घर की छत गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हुए। नजदीकी इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन ने कई घरों को नुकसान पहुंचाया।  खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में अधिकांश मौतें हुईं, जहां मूसलाधार बारिश के कारण विभिन्न जिलों में अचानक बाढ़ आ गई। बाढ़ से कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और पीओके के गिलगित-बाल्टिस्तान में काराकोरम राजमार्ग और बाल्टिस्तान राजमार्ग सहित प्रमुख सड़कें अवरुद्ध हो गईं।

गिलगित-बाल्टिस्तान और उत्तरी इलाके संकट में
गिलगित-बाल्टिस्तान के गिजर जिले में बाढ़ और भूस्खलन से आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग अब भी लापता हैं। इस आपदा में दर्जनों घर, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र नष्ट हो गए हैं। कराकोरम और बाल्टिस्तान हाईवे कई जगहों पर बंद हो गए हैं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप है। नीलम घाटी में भी हालात गंभीर हैं, जहां 600 से अधिक पर्यटक रत्ती गली झील के पास फंसे हुए हैं। यहां के कई पुल बह गए हैं और सड़कें टूट गई हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- अमेरिकी अदालत ने ट्रंप प्रशासन की एंटी-DEI गाइडलाइन को किया रद्द, शिक्षकों की याचिका पर हो रही थी सुनवाई

पर्यटक और स्थानीय लोग फंसे
नीलम नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसके चलते प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी है। झेलम घाटी में बादल फटने से कई गाड़ियां फंस गई हैं, जबकि पाक-अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद जिले में एक बड़े भूस्खलन में एक ही परिवार के छह सदस्य दब गए। सुधनोटी जिले में 26 वर्षीय युवक की पानी में बहकर मौत हो गई, जबकि बाग जिले में घर गिरने से 57 वर्षीय महिला की जान चली गई।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- ट्रंप ने कहा- हर चीज का असर होता है, भारत पर लगाए भारी टैरिफ से मिलने को तैयार हुए होंगे पुतिन

सरकार ने दिए राहत कार्य तेज करने के निर्देश
पाकिस्तान के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर ने सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रहने और राहत-बचाव कार्यों में पूरी ताकत लगाने के निर्देश दिए हैं। मालाकंड और बाजौर के अफसरों को खुद मौके पर निगरानी करने को कहा गया है। सेना का हेलिकॉप्टर भी बचाव कार्यों के लिए भेजा गया है। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है और खासतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें