पुलवामा समेत कई आतंकी हमलों का दोषी मसूद अजहर अब वैश्विक आतंकी घोषित हो सकता है। संभावना है कि चीन संयुक्त राष्ट्र समिति में एक मई को अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने में लगाई गई तकनीकी रोक हटा लेगा।
जिससे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ आगे वैश्विक वित्तीय प्रतिबंधों का मार्ग प्रशस्त होगा। इस बात की जानकारी मामले से परिचित लोगों ने दी है।
वहीं पुलवामा हमले के बाद मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने की भारत की कोशिशों के बीच पाकिस्तान भी आखिरकार मसूद पर प्रतिबंध लगाने को राजी हो गया है। लेकिन साथ ही उसने एक शर्त भी रख दी है।
पाक के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने रविवार को एक टीवी शो में कहा कि हमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) द्वारा मसूद अजहर को वैश्विक आतंकियों की सूची में डालने से कोई दिक्कत नहीं है, बशर्ते इसका आधार पुलवामा हमला न हो।
फैसल ने कहा कि पहले भारत को इस बात का सुबूत देना होगा कि पुलवामा हमले से मसूद अजहर का कोई संबंध है। इसके बाद ही हम उसको प्रतिबंधित करने के बारे में बात कर सकते हैं। पुलवामा हमला एक अलग मुद्दा है।
हम कई बार कह चुके हैं कि भारत कश्मीर में स्थानीय विरोध को कुचलने की कोशिश कर रहा है। गौरतलब है कि फैसल का यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में ब्रिटेन ने उम्मीद जताई थी कि मसूद को कुछ दिनों में जरूर वैश्विक आतंकी घोषित किया जाएगा। गौरतलब है कि इस साल 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी।
चीन लगातार अटकाता रहा है रोड़ा
पिछले महीने चीन ने मसूद पर प्रतिबंध के ताजा प्रस्ताव का विरोध किया था। यह चौथा मौका था जब चीन ने रोड़ा अटकाया था। यह प्रस्ताव फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन ने दिया था, जिसमें मसूद को यूएनएससी की 1267 अलकायदा प्रतिबंध समिति के प्रावधानों के तहत प्रतिबंध लगाने की बात कही गई थी।