भारत और चीन से सस्ते एंटी-रेबीज वैक्सीन की आपूर्ति रुकने से पाकिस्तान के सिंध प्रांत में जीवन रक्षक दवा की भारी कमी हो गई है। अधिकारियों के अनुसार यहां कुत्ते द्वारा काटे जाने की घटनाओं में वृद्धि हो रही है।
रैबीज मुक्त कराची कार्यक्रम के निदेशक नसीम सलाउद्दीन ने बताया कि अन्य देशों की तुलना में खरीदे गए वैक्सीन की तुलना में भारत से आयातित वैक्सीन की कीमत में बड़ा अंतर है। उन्होंने बताया कि भारत से आयातित वैक्सीन की कीमत 1,000 रुपये है, जबकि यूरोप से आयात की जाने वाली दवा की कीमत 70,000 रुपये (यूएसडी 446) है।
अधिकारियों ने बताया कि यह जीवनरक्षक दवा केवल देश के सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है। एंटी-रेबीज वैक्सीन की कमी या अभाव सिंध प्रांत के सरकारी अस्पतालों में देखा गया है, जिसमें पाकिस्तान की राजधानी कराची भी शामिल है। यहां हाल के महीनों में भारत से वैक्सीन का आयात बंद हो गया है, जबकि चीन से इसका आयात रोक दिया गया है।
नई दिल्ली ने अगस्त में जम्मू और कश्मीर की विशेष स्थिति को समाप्त करने की वजह से पाकिस्तान ने द्विपक्षीय तनाव के कारण भारत से एंटी-रेबीज वैक्सीन का आयात बंद कर दिया था।
हाल के महीनों में कराची की सड़कों पर आवारा कुत्तों की संख्या में वृद्धि हुई है, जबकि पिछले हफ्तों में, प्रांत के विभिन्न हिस्सों से कुत्ते के काटने के 130 मामले सामने आए हैं। सोमवार रात कराची में एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर सहित कम से कम 12 लोगों को आवारा कुत्तों के काटने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।