क्या पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ बीमारी का बहाना करके लंदन में वक्त बिता रहे हैं? क्या नवाज की लंदन के होटल में खाना खाने वाली वायरल तस्वीर में कोई सच्चाई है? क्या नवाज शरीफ को वापस लाने की पाकिस्तान सरकार की कोशिश रंग लाएगी? इन तमाम सवालों पर इन दिनों पाकिस्तान की सियासत तेज है।
तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी जहां नवाज शरीफ को लंदन से लाने के लिए ब्रिटिश सरकार को चिट्ठी लिख रही है, वहीं नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लीम लीग (नवाज) दावा कर रही है कि नवाज शरीफ को इलाज के लिए और वक्त की जरूरत है और इसके लिए लाहौर हाईकोर्ट में अपील करेगी। पंजाब सरकार ने नवाज को इलाज के लिए और वक्त देने से मना कर दिया है।
पाकिस्तान के सूचना प्रसारण मंत्री फिरदौस आशिक अवान ने संदेह जताया है कि नवाज बीमारी का बहाना कर रहे हैं और पाकिस्तान सरकार उन्हें वापस लाने के लिए ब्रिटिश सरकार के साथ जरूरी कागजी कार्रवाई करने जा रही है।
दूसरी तरफ पीएमएल-एन के प्रवक्ता अज्मा बुखारी ने बताया कि नवाज शरीफ को ह्रदय की कई बीमारियां हैं और उनकी सर्जरी होनी है। इसके लिए उन्हें और वक्त देने की मांग को लेकर पार्टी लाहौर हाईकोर्ट में अपील करने जा रही है।
अज्मा बुखारी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में किसी नेता के गंभीर बीमारी पर भी घिनौनी राजनीति हो रही है और ये शर्मनाक है। बुखारी ने कहा कि अगर तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी और सरकार नवाज के खिलाफ इस तरह का अभियान चला रही है, तो उनकी पार्टी भी चिट्ठियों की राजनीति कर सकती है। उन्होंने इसे शर्मनाक बताया कि नवाज की मेडिकल रिपोर्ट पर सवाल उठाए जा रहे हैं और उन्हें लंदन में अय्याशी करने वाला वीआईपी कैदी बताया जा रहा है।