पाकिस्तान के सेना प्रमुख (सीओएएस) जनरल असीम मुनीर को भारतीय सेना की ओर से मिली मात का इनाम दिया गया है। पाकिस्तान की संघीय सरकार ने मंगलवार को सेना प्रमुख (सीओएएस) जनरल असीम मुनीर को फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत किया। यह निर्णय प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में संघीय कैबिनेट की बैठक के दौरान लिया गया। उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और संघीय कैबिनेट को उन पर विश्वास करने के लिए धन्यवाद दिया। बता दें कि पाकिस्तान सेना का प्रमुख असीम मुनीर लगातार भारत के खिलाफ जहर उगलता रहा है।
हाल ही में भारतीय सेना द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर को रोकने में असीम मुनीर बुरी तरह से विफल रहे थे। बुरी तरह भारत से मात खाने के बाद मुनीर ने भारत के खिलाफ जमकर झूठ फैलाया था। मुनीर के झूठे प्रोपेगेंडा से खुश होकर पाकिस्तान की सरकार ने उन्हें तोहफे के तौर पर ये पद दिया है। असीम मुनीर पाकिस्तान सेना में इस पद तक पहुंचने वाले दूसरे सेना प्रमुख हैं। पाकिस्तान के इतिहास में आसिम मुनीर से पहले 1959 में अयूब खान को फील्ड मार्शल बनाया गया था।
पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड और दो खुफिया एजेंसियों प्रमुख रहे मुनीर
14 फरवरी, 2019 को जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर पुलवामा के पास सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमले का असली मास्टरमांइड असीम मुनीर को माना जाता है। भारत से नफरत और क्रूर साजिशें रचने में माहिर मुनीर आतंकियों को पालने के लिए कुख्यात पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और मिलिट्री इंटेलिजेंस दोनों के प्रमुख रह चुके हैं।
कौन हैं लेफ्टिनेंट जनरल मुनीर
लेफ्टिनेंट जनरल मुनीर को पाकिस्तान में एक उत्कृष्ट अधिकारी माना जाता है। लेफ्टिनेंट जनरल मुनीर ने मंगला में ऑफिसर्स ट्रेनिंग स्कूल कार्यक्रम के माध्यम से सैन्य सेवा में प्रवेश किया और उन्हें फ्रंटियर फोर्स रेजिमेंट में नियुक्त किया गया। वह जनरल बाजवा के तब से करीबी सहयोगी रहे हैं, जब से उन्होंने निवर्तमान सेना प्रमुख, जो उस समय कमांडर एक्स कोर थे, के तहत एक ब्रिगेडियर के रूप में फोर्स कमांड उत्तरी क्षेत्रों में सैनिकों की कमान संभाली थी।
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लेफ्टिनेंट जनरल मुनीर को बाद में 2017 की शुरुआत में सैन्य खुफिया महानिदेशक नियुक्त किया गया था, और अगले साल अक्तूबर में इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस प्रमुख बनाया गया था। हालांकि, शीर्ष खुफिया अधिकारी के रूप में उनका कार्यकाल अब तक का सबसे छोटा कार्यकाल रहा, क्योंकि उन्हें तत्कालीन पीएम इमरान खान के आग्रह पर आठ महीने के भीतर बदल दिया गया था। क्वार्टर मास्टर जनरल के रूप में सामान्य मुख्यालय में स्थानांतरित होने से पहले, उन्हें गुजरांवाला कोर कमांडर के रूप में तैनात किया गया था, जिस पद पर उन्होंने दो साल तक काम किया था।
मुनीर पाकिस्तान के सबसे ताकतवर शख्स, उनकी इमरान से भी नहीं बनी
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की भी जनरल मुनीर से कभी पटरी नहीं बैठी। आरोप है कि आम चुनावों में जनरल मुनीर के कहने पर धांधली हुई और इमरान की पार्टी पीटीआई सत्ता में नहीं आ सकी। मुनीर धार्मिक कट्टरता वाले बयान देते रहते हैं। दरअसल, इमरान खान ने प्रधानमंत्री रहते हुए आसिम मुनीर को आईएसआई प्रमुख के रूप में नियुक्त किया था, लेकिन कुछ ही महीनों में हटा दिया था। मुनीर ने इसे अपमान के तौर पर लिया और इमरान को सत्ता में नहीं लौटने दिया। 29 नवंबर 2022 को बाजवा को हटाकर मुनीर को पाक आर्मी का नया चीफ बना दिया गया। मुनीर अब 2027 तक इस पद पर कायम रहेंगे।