जनवरी 2020 से दिसंबर 2021 के बीच कोरोना से हुई मौतों को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट को लेकर हंगामा मचा हुआ है। भारत के बाद अब पाकिस्तान सरकार ने भी देश में कोविड-19 से होने वाली मौतों की संख्या पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। पाकिस्तान सरकार ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की डेटा एकत्र करने की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि डब्ल्यूएचओ द्वारा डेटा एकत्र करने के लिए उपयोग किए जाने वाले सॉफ़्टवेयर में त्रुटि है।
हाल ही में आई एक रिपोर्ट में डब्ल्यूएचओ ने बताया है कि पाकिस्तान में कोरोना से 2,60,000 मौतें हुईं है। ये संख्या आधिकारिक आंकड़े का आठ गुना है। वहीं, पाकिस्तान में आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक कोरोना से 1.5 मिलियन से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हुए और 30,369 लोगों की मौतें कोरोना के कारण हुईं।
पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री अब्दुल कादिर पटेल ने बताया कि हम कोविड की मौतों पर मैनुअल रूप से डाटा एकत्र कर रहे हैं। हमारे आंकड़ों में कुछ सौ का अंतर हो सकता है, लेकिन यह अंतर सैकड़ों हजारों में नहीं हो सकता है। यह पूरी तरह से निराधार है। मंत्री पटेल ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन डेटा संग्रह की पद्धति संदिग्ध है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में अधिकारियों ने अस्पतालों, संघ परिषदों और कब्रिस्तानों से आंकड़े एकत्र किए गए हैं।
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान में एक रिपोर्टिंग तंत्र मौजूद है जिसके तहत प्रत्येक कोरोना से संबंधित मौत की सूचना जिला स्तर पर दी जाती है। इस आंकड़े को संबंधित स्वास्थ्य प्रणालियों द्वारा प्रांतीय स्तर पर भेजा जाता है और अंत में इस संचयी आंकड़े को राष्ट्रीय स्तर पर साझा किया जाता है जिसे आधिकारिक चैनलों के माध्यम से रिपोर्ट किया जाता है। मंत्रालय ने कहा कि एनसीओसी (नेशनल कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) द्वारा किए गए मृत्यु दर ऑडिट में बड़े शहरों के कब्रिस्तान के आंकड़ों को भी शामिल किया गया है।
इस बीच, स्वास्थ्य पर तत्कालीन प्रधान मंत्री के पूर्व विशेष सहायक फैसल सुल्तान ने कहा कि पाकिस्तान में कोरोनोवायरस से होने वाली मौतों पर डब्ल्यूएचओ के आंकड़े विश्वसनीय नहीं हैं। इस बीच, तत्कालीन प्रधान मंत्री के पूर्व विशेष सहायक फैसल सुल्तान ने कहा कि पाकिस्तान में कोरोनोवायरस से होने वाली मौतों पर डब्ल्यूएचओ के आंकड़े विश्वसनीय नहीं हैं।
गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का अनुमान है कि पिछले दो वर्षों में लगभग 1.5 करोड़ लोगों ने या तो कोरोना वायरस से या स्वास्थ्य प्रणालियों पर पड़े इसके प्रभाव के कारण जान गंवाई है। विभिन्न देशों द्वारा मुहैया कराए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 60 लाख मौत के दोगुने से अधिक है।इनमें से ज्यादातर मौतें दक्षिण पूर्व एशिया, यूरोप और अमेरिका में हुईं हैं।