वैश्विक दबाव के चलते पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने रमजान के दौरान प्रांतीय सरकारों से विभिन्न प्रतिबंधित संगठनों पर नजर रखने को कहा है। जैश-ए-मुहम्मद और जमात-उद-दावा समेत कई संगठनों के चंदा जुटाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। मंत्रालय ने कहा है कि राज्य सरकारें प्रतिबंध का सख्ती से पालन करें। राज्य सरकारों को निर्देश दिया गया है कि वे लोगों को बताएं कि आतंकरोधी कानून 1997 और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद कानून 1948 के तहत प्रतिबंधित संगठनों को किसी तरह का समर्थन या वित्तीय मदद देना अपराध है।
इसके लिए पांच से 10 साल की जेल व जुर्माना हो सकता है। बता दें कि रमजान में दान की आड़ में बहुत से संगठन अपनी असामाजिक गतिविधियों के लिए भी चंदा जुटाते हैं। पाकिस्तान में दर्जनों संगठनों पर प्रतिबंध लगा है, जिनमें जैश-ए-मुहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, अल कायदा, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, आइएस, लश्कर-ए-झांगवी, जमात-उद-दावा और फलह-ए-इंसानियत फाउंडेशन जैसे संगठन शामिल हैं। मंत्रालय के मुताबिक, सरकार ने प्रतिबंधित समूहों से जुड़े 589 मदरसों, स्कूलों, अस्पतालों और एंबुलेंस को अपने कब्जे में ले लिया है।